गाजियाबाद। एलपीजी संकट के बीच पीएनजी ने लोगाें को राहत देने का काम किया है। अप्रैल और मई में पीएनजी के उपभोक्ताओं की संख्या 30 हजार बढ़ गई है। कनेक्शन मिलने की धीमी गति का आरोप भी उपभोक्ता लगातार लगाते आ रहे हैं। हालत यह है कि आईजीएल कंपनी के पास करीब 28 हजार आवेदन कनेक्शन के लिए आए हैं।
मार्च तक जिले में पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या करीब साढ़े तीन लाख थी, जो अब बढ़कर 3.80 लाख हो गई है। पश्चिमी एशिया में तनाव होने पर एलपीजी संकट बढ़ा तो लोगों ने पीएनजी का रुख किया। इसी का नतीजा रहा कि एलपीजी संकट लगातार बने रहने के बावजूद गैस एजेंसियों पर उस तरह की मारामारी अब नहीं दिख रही है। जानकारों का कहना है कि अप्रैल के महीने में शादी समारोह की वजह से भी मांग ज्यादा थी। अब उसमें भी कमी आई है।
पीएनजी उपभोक्ता पमित जांगिड़ ने बताया कि एलपीजी संकट के बाद पीएनजी ने निर्बाध आपूर्ति देकर विश्वास जीता है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि हम लोगों से अपील कर रहे हैं जिन जिन इलाकों में पीएनजी की लाइन डली हुई है, वह लोग एलपीजी को छोड़कर पीएनजी का इस्तेमाल करें। आईजीएल कंपनी के अधिकारियों से कहा गया है कि वह आवेदन आने पर सत्यापन और अन्य औपचारिकता का काम तय समय सीमा में पूरा कर लोगों को पीएनजी का कनेक्शन उपलब्ध कराएंं।
-पीएनजी कनेक्शन लेने की रफ्तार तेज, एलपीजी सरेंडर करने की गति धीमी : दो माह में पीएनजी कनेक्शन धारकों की संख्या भले ही साढ़े तीन लाख से बढ़कर 3.80 हो गई हो, लेकिन एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की गति बेहद धीमी है। शासन की ओर से कहा गया था कि पीएनजी या एलपीजी में से कोई एक विकल्प उपभोक्ता को चुनना होगा। इसके बावजूद बढ़े हुए तीस हजार पीएनजी धारकों में से पांच फीसदी लोगों ने भी अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किए।