अंसल कॉलोनी में भरे गंदे पानी की निकासी न होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने लोनी नगर पालिका परिषद पर 2.25 करोड़ रुपये का जर्माना लगाया है। इस मामले में कटलोनी में रहने वाले व्यक्ति ने एनजीटी में शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम का गठन किया गया था। समिति की जांच रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने कार्रवाई की है। इसके साथ ही एनजीटी ने गाजियाबाद जिलाधिकारी, नगर पालिका व जल निगम के प्रमुख अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश भी दिए हैं।
ट्रॉनिका सिटी की अंसल कॉलोनी में रहने वाले हरी ओम गुप्ता ने करीब दो साल पहले एनजीटी में लोनी क्षेत्र में गंदे पानी का निस्तारण न होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दी शिकायत में बताया था कि अंसल कॉलोनी की ग्रीन बेल्ट में पूजा कॉलोनी के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भर रहा है। इससे ग्रीन बेल्ट में बड़ी संख्या में लगे पेड़ सूख गए। इसके साथ ही क्षेत्र का भूजल दूषित हो रहा है। एनजीटी ने शिकायत मिलने के बाद तीन सदस्यों की समिति बनाई थी। जिसमें जिलाधिकारी, वन विभाग और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को शामिल किया था। समिति ने मौके का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट में बताया कि ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी और कचरा एकत्र है। क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था नहीं है, साथ ही ग्रीन बेल्ट में भरे पानी से पेड़ सूख गए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी भरा होने के चलते लोगों ने मंदिर जाना छोड़ दिया है।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि गंदे पानी की निकासी के लिए डीएलएफ और पूजा कॉलोनी में सीवर लाइन डालने के लिए अमृत योजना दो के तहत 56 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर कार्य प्रगति पर है।