दर्ज मुकदमे में जगदीश प्रसाद डागा ने बताया कि वह एक रियल एस्टेट कंपनी में कार्यरत हैं। बताया कि 11 वर्ष पहले कंपनी ने रिस्तल गांव में जमीन देखी थी, जिसके लिए दर्शन से करीब 2.65 करोड़ रुपये में सौदा तय किया था। 53 लाख रुपये उन्होंने बयाना बतौर देकर एग्रीमेंट भी कर लिया। आरोप है कि शुरू में तहसील हड़ताल के चलते रजिस्ट्री नहीं हो पाई। कुछ दिन बाद दर्शन बीमारी का बहाना बनाकर टालमटोल करता रहा। आरोप यह भी है कि इस दौरान दर्शन ने प्लॉट की खुदाई करके मिट्टी चोरी करनी भी शुरू कर दी। उसने करीब नौ फीट खुदाई करा मिट्टी बेच दी। विरोध करने पर कंपनी के कर्मचारियों से दर्शन, उसके बेटे करतार, प्रताप, रवींद्र व संजू ने मारपीट की। यहां तक कि बंधक भी बनाया। जब उन्होंने पुलिस से शिकायत की तब उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।