नगर निगम में कंप्यूटर और सोलर लाइट खरीद घोटाला लोकायुक्त और हाईकोर्ट तक पहुंचेगा। निगम के कई पार्षदों को अफसरों की जांच पर भरोसा नहीं है। ऐसे में वह अब लोकायुक्त और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दस्तावेज जुटा रहे हैं।
निगम पार्षद मोनिका मित्तल का कहना है कि एक के बाद एक घोटाले कर अफसर जनता का पैसा लूट रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने डस्टबिन घोटाले की जांच को दबा दिया और दोषी अफसरों के नाम उजागर नहीं किए, इसी तरह इन घोटालों को भी दफन कर दिया जाएगा।
भाजपा नेता हिमांशु मित्तल का कहना है कि इन मामलों की जांच बाहरी एजेंसी से कराई जानी चाहिए। बिना जरूरत के ट्रैक्टर खरीदकर अब निगम अधिकारी यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी बहुत जरूरत थी। अफसर इस बात का जवाब नहीं दे पा रहे कि ट्रैक्टरों की जरूरत है तो उन पर से लोडर क्यों हटवाए जा रहे हैं।
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि कंप्यूटर खरीदने में ज्यादा रकम का भुगतान कर निगम अधिकारियों ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। यह मामला सीधा-सीधा भ्रष्टाचार का है।
इसकी शिकायत लोकायुक्त से की जाएगी। उनका कहना है कि दस्तावेज जुटा लिए गए हैं। जल्द ही कोर्ट में भी जनहित याचिका दायर कर उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।