साहित्य सौ-दौ सौ मीटर की दौड़ नहीं मैराथन है - सुभाष नीरव
गाजियाबाद। अंबेडकर रोड स्थित रेडबरी होटल में शनिवार को मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन की ओर से कथा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए सुभाष चंदर ने कहा कि काव्य पर खूब बातचीत होती है, लेकिन गद्य की ज्यादा बात नहीं होती। हमारी यहां की मूल विधा किस्सागोई खत्म हो गई है। मीडिया 360 इस को परंपरा का जीवित कर रहा है। जहां हर कोई अपने अंदाज में अपनी बात रखते हैं।
मुख्यअतिथि वरिष्ठ लेेखक सुभाष नीरव ने वर्तमान दौर में लेखन की चुनौतियों व नवीन लेखकों के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में साहित्य लिखना मुश्किल काम है। ऐसे में जो युवा कोशिश कर रहे हैं, वह बधाई के पात्र है। भले ही उनकी कथ्य, भाषा शैली व विषय वस्तु कमजोर हो, लेकि न उनके अंदर लेखन की जो लौ जली है। वह भविष्य के साहित्य का आधार बनेगी। साहित्य 100, 200 मीटर नहीं बल्कि मैराथन है। हर कोई गूलेरी की तरह नहीं हो सकता है कि पहली ही रचना कालजयी हो जाए। उन्होंने मीडिया 360 लिट्रेरी की सराहना क रते हुए कहा कि यह एक शानदार मंच है। जहां नए लेखकों को सीखने का मौका मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समालोचक डॉ नवीन लोहनी ने हिंदी भाषा की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज सरकारी नीतियों, अध्यापन के कारण हिंदी की यह हालात हुई है। चीन के 17 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई हो रही है। जबकि हमारे यहां हिंदी स्कूलों से भी विलुप्त हो रही है। इस दौरान कई साहित्यकारों ने अपनी कहानी भी पढ़ी। गाजियाबाद में तैनात मुख्य कोषाधिकारी मन्नू लक्ष्मी ने रेस, शिवराज ने हम सब चोर है, प्रीति कौशिक ने डर तथा बीना शर्मा रिश्ता प्रमुख रही। इस अवसर पर डॉ धनंजय, गोविंद, आलोक यात्री, सुशील शर्मा, कुलदीप, रश्मि पाठक, दिनेश अनामी शरण, योगेंद्र सिंह, विनीत गौड़, वागीश शर्मा, अंजू जैन, रवि अरोड़ा, पराग कौशिक, सुदामापाल, रविशंकर आदि मौजूद रहे।