गाजियाबाद में वेव सिटी क्षेत्र के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ड्यूटी पर आई आशा कार्यकर्ता के साथ मारपीट और जान से मारने की कोशिश का गम्भीर मामला सामने आया है। पीड़िता राजवती पत्नी धर्मवीर निवासी ग्राम ढबारसी, थाना मसूरी ने वेव सिटी थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता राजवती द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत है। बीती 22 जुलाई को वह ग्राम मुहीउद्दीनपुर ढ़बारसी की एक गर्भवती महिला की डिलीवरी कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना आई थी। पीड़िता का आरोप है कि करीब एक साल पहले मोनिका नाम की महिला को उसके गलत व्यवहार के कारण आशा कार्यकर्ता के पद से हटा दिया गया था। मोनिका को शक था कि राजवती ने ही उसे पद से हटवाया है, जिसको लेकर वह रंजिश रखती थी।
शिकायत में बताया गया है कि 22 जुलाई की रात करीब एक बजे डिलीवरी का काम संपन्न होने के बाद राजवती ने अपने घर लौटने के लिए अपनी बहन को फोन किया। रात लगभग 1:30 बजे जैसे ही राजवती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर निकलीं, वहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि मोनिका के जेठ शंकर पुत्र झंडू, नन्दोई सतीश पुत्र श्रीराम और नन्द का लड़का सुभाष ने योजनाबद्ध तरीके से राजवती पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने उनके साथ हाथापाई की और मारपीट कर उनका सिर फोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़िता राजवती ने वेव सिटी पुलिस को शिकायत पत्र देकर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पीड़िता की पुलिस को दी शिकायत के आधार पर आरोपी मोनिका, जुगन्द्री, सतीश, शंकर व सुभाष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जांच-पड़ताल के बाद वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।