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Ghaziabad News: गढ़ तहसील क्षेत्र के गांवों में लगातार दिखाई दे रहे तेंदुए

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गढ़मुक्तेश्वर। तहसील क्षेत्र के गांवों के जंगल और आबादी के निकट पिछले काफी सालों से तेंदुओं का आतंक छाया हुआ है। गढ़-सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर तेंदुए ने राहगीरों पर हमले भी किए। इस सबके बावजूद वन विभाग तेंदुओं को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है। जिस कारण लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द तेंदुओं के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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गंगा खादर से लेकर बांगर और अन्य क्षेत्रों के जंगल में तेंदुए लगातार विचरण कर रहे हैं। करीब दो साल पहले बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चित्तौड़ा-सालारपुर के जंगल में खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला कर दिया था, जिसमें चार लोग घायल हुए।
इसके बाद गांव नवादा खुर्द, चांदनेर, आलमनगर, शंकराटीला व आसपास के गांवों में तेंदुए सामने आ चुके हैं। गढ़ क्षेत्र के गांव मानकचौक, पावटी, हशुपुर, भगवंतपुर, अठसैनी के जंगल व अन्य स्थानों पर भी तेंदुए खेतों और आसपास के क्षेत्र में दिखाई दिए हैं। जिनके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके अलावा सिंभावली क्षेत्र में लगभग तीन माह पहले अलग-अलग समय पर राहगीरों पर तेंदुए ने हमला किया। इस सब के बावजूद वन विभाग की टीम तेंदुओं को पकड़ पाने में नाकाम रही है।
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- नवादा के जंगल में लगे थे नाइट विजन कैमरे

गंगा तटीय गांव नवादा और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए दिखाई देेने के बाद वन विभाग ने पिंजरे के साथ ही नाइट विजन कैमरे भी लगाए, लेकिन उनमें भी तेंदुआ कैद नहीं हो सका। वहीं सिंभावली क्षेत्र में नहर पटरी के पास भी पिंजरा लगाया गया। परंतु तेंदुआ उसमें भी नहीं फंसा। स्थानीय लोगों व ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग केवल खाना पूर्ति कर रहा है। जिस कारण तेंदुए नहीं पकड़े जा सके हैं।
शनिवार की रात सिंभावली क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के पास तेंदुआ दिखाई दिया। जो कॉलेज आने वाले शिक्षकों, छात्रों व अन्य कर्मियों के लिए भी खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को तेंदुए को पकड़ने के लिए सही ढंग से अभियान चलाना चाहिए। टीम में बाहर से विशेषज्ञों को बुलाया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को दहशत से निजात मिल सके।

- जहां से भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलती है, विभागीय टीम को वहां पर भेजकर जांच कराई जाती है। वहीं, क्षेत्र के जंगलों में लगातार विभाग की टीम कांबिंग कर रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कई जगह पिंजरे भी लगाए जा चुके हैं। यदि क्षेत्र में तेंदुए हैं, तो जल्द ही पकड़वा लिए जाएंगे। - करन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी
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