तेंदुए को सबसे पहले देखने वाले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिपिक राहुल वर्मा ने बताया कि सीढ़ियों पर चढ़ते समय अचानक तेंदुआ देख समझ नहीं आया कि क्या करें। वापस मुड़ने की सोच ही रहे थे कि इतने में तेंदुआ छलांग लगाते हुए सिर के ऊपर से निकल गया और तीसरे तल पर दौड़ने लगा। तेजी से भागकर हम लोग कोर्ट में घुस गए।
सहारनपुर के शिवालिक रेंज में छोड़ा गया तेंदुआ
तेंदुए को इलाज के बाद सहारनपुर के शिवालिक वन रेंज में छोड़ दिया गया। सामाजिक एवं वानिकी प्रभागीय निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि रात में कचहरी से लाने के बाद डॉ. एके सिंह ने उसके चोट का इलाज किया। खाने के लिए दो कटे हुए मुर्गे और पानी देने के बाद पिजड़ा अंधेरे में रखा गया। रात डेढ़ बजे वह सो गया था।
गुरुवार की सुबह तेंदुए को खाने के लिए दो मुर्गे दिए गए। जांच के बाद वह स्वस्थ पाया गया। शाम 4:30 बजे शिवालिक वन रेंज के तीन और डॉक्टरों ने तेंदुए की जांच की, उसके बाद उसे छोड़ दिया गया। तेंदुए को छोड़ने के दौरान वन क्षेत्राधिकारी विकास संतोरिया, डॉ. एके सिंह सहित वन विभाग के पांच अन्य स्टाफ मौजूद रहे।