दो माह से परेशान, काम अटका
महिला के अनुसार, उसने वारिस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। तहसील के एक लेखपाल ने न केवल उसका काम रोका, बल्कि प्रमाण पत्र बनाने के एवज में उससे अनुचित मांगें भी कीं। महिला ने बताया कि लेखपाल ने उसे मंगलवार को भी बुलाया था, लेकिन काम नहीं किया। पिछले दो महीनों से वह लेखपाल के चक्कर काट रही है और उसे लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ रहा है।
लेखपाल ने अब कहा है कि उसका काम एक से डेढ़ महीने बाद ही हो पाएगा, जिससे महिला अत्यधिक हो गई। महिला ने कहा कि वह जान गई थी कि आरोपी उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे ऐसे ही दबोचता रहेगा।
न्याय की गुहार, पुलिस में शिकायत
लेखपाल की हरकतों से तंग आकर महिला ने हिम्मत जुटाई और मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने तहसील परिसर में कार्यरत कर्मचारियों के आचरण और आमजन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।