गाजियाबाद। 24 साल पहले लांच की गई मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में अनियोजित भूखंडों को नियोजित करने के लिए जीडीए लेआउट में परिवर्तन की योजना बनाई है। यहां रहने वाले लोगों को सामुदायिक सुविधाएं घर के पास ही मिल सकें इसके लिए पॉकेट वार सुविधाओं को नियोजित किया जाएगा। अगली बोर्ड बैठक में संशोधित प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
मैसर्स एरिनम कंसलटेंसी सर्विसेज की ओर से पिछले दिनों मधुबन-बापूधाम योजना का सर्वे कराया गया था। संपत्ति और लैंड ऑडिट के बाद सामने आया हैं कि योजना में कई भूखंड ऐसे हैं जिन्हें नियोजित नहीं किया गया। योजना में स्कूल, हास्पिटल, शॉपिंग सेंटर के भूखंडों को काटने में सामुदायिक सुविधाओं का ठीक से ध्यान नहीं रखा गया है। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने आठ बिंदुओं पर संशोधन के साथ मानचित्र प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।
-यह होगा संशोधन-
ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को 24 मीटर या उससे अधिक चौड़े मार्ग पर ही नियोजित किया जाएगा। जिससे प्रस्तावित भूखंडों पर अधिक इकाइयों का निर्माण हो सकेगा।
संशोधित तलपट मानचित्र में व्यवसायिक भूखंडों के क्षेत्रफल काफी बड़े होने के कारण इन्हें बेचने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए छोटे-छोटे भूखंडों में इन्हें विभाजित किया जाएगा।
योजना में कई पॉकेट ऐसे हैं जिनमें बड़े-बड़े पार्क बनाए गए हैं। अन्य पॉकेट के लोगों को भी पार्क की सुविधा मिल सके इसके लिए समान रूप से पार्कों के भूखंडों की व्यवस्था की जाएगी।
मिश्रित भू-उपयोग के भूखंडों को छोटे-छोटे भूखंडों में सृजित किया जाएगा।
दिल्ली-मेरठ रोड से मधुबन-बापूधाम योजना में प्रवेश करने के लिए 45 मीटर चौड़े एनपीआर रोड पर निर्माणाधीन आरओबी से होते हुए योजना तक सुगम यातायात के लिए जंक्शन का डिजाइन अभियंत्रण अनुभाग से प्राप्त कर नियोजन किया जाएगा।
भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कूड़ा निस्तारण के लिए एमआएम का प्रावधान किया जाएगा।
योजना में नियोजित किए सामुदायिक सुविधाओं के भूखंडों की क्रिया को स्पष्ट नहीं किया है। इस लिए सामुदायिक सुविधाओं के लिए भूखंडों का नियोजन मानक के अनुसार किया जाएगा।
ग्राम सदरपुर की सीमा के चारों ओर यातायात व जनसंख्या घनत्व की समस्या के मद्देनजर न्यूनतम नौ मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित किया जाएगा।
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि मधुबन-बापूधाम योजना में अनियोजित भूखंडों को नियोजित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अगली बोर्ड बैठक में इसे रखा जाएगा।