सदर तहसील स्थित निबंधन कार्यालयों में मंगलवार से संपत्ति की रजिस्ट्री के कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा किसी तरह के न्यायिक कार्य नहीं होंगे। सोमवार को इस संबंध में तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
जिला जज की अदालत में 29 अक्तूबर को किए गए लाठीचार्ज के विरोध में चार नवंबर से चल रही वकीलों की हड़ताल सातवें दिन सोमवार को भी जारी रही। जिला जज अनिल कुमार को हटाए जाने की मांग पर अड़े वकीलों ने दोपहर को कचहरी के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। 12 से दो बजे तक दो घंटे चले उनके इस प्रदर्शन से ट्रैफिक जाम होता देख पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया। दो बजे कचहरी में वापस जाते समय वकीलों ने मंगलवार को जिला जज का पुतला फूंकने का एलान किया।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि मंगलवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति में शामिल 22 जिलों की बार ने लाठीचार्ज के विरोध में धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया है। जैसे सोमवार को गाजियाबाद में वकील सड़क पर उतरे, वैसे ही मंगलवार को सभी जिलों में उतरेंगे।
बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि जिला जज को हटाए जाने तक न केवल हड़ताल जारी रहेगी बल्कि आंदोलन लगातार व्यापक होता जाएगा। इसकी रणनीति तय करने के लिए 16 नवंबर को महापंचायत बुलाई गई है। इसमें यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के वकील शामिल होंगे।
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तहसील में आज से होंगे बैनामे
सदर तहसील स्थित निबंधन कार्यालयों में मंगलवार से संपत्ति की रजिस्ट्री के कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा किसी तरह के न्यायिक कार्य नहीं होंगे। सोमवार को इस संबंध में तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश त्यागी ने बताया कि मंगलवार से बैनामे होंगे लेकिन, वकील न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। ऐसे में राजस्व से संबंधित वादों में वह न्यायालय में उपस्थित नहीं होंगे। हड़ताल के कारण एक सप्ताह से रजिस्ट्री का काम बंद था। सोमवार को हड़ताल के दौरान सचिव अरुण चौधरी, अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य की उपस्थिति रही।