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Ghaziabad News: वकीलों की पश्चिम यूपी के 22 जनपदों में हड़ताल की तैयारी, आज बनेगी रणनीति

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गाजियाबाद। जिला जज की कोर्ट में 29 अक्तूबर को किए गए लाठीचार्ज के विरोध में चार दिन से चल रही वकीलों की हड़ताल शुक्रवार से और व्यापक रूप ले सकती है। गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में न्यायिक कार्य का अनिश्चतकालीन बहिष्कार कराने की योजना पर काम शुरू किया है। इसकी रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को सभी जिलों की बार के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है।
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जिला जज अनिल कुमार की बर्खास्तगी और लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े वकीलों ने शुक्रवार के अपने चैंबर भी बंद रखने की घोषणा की है। कचहरी में खान-पान के सामान की दुकान चलाने वालों से लेकर फोटो स्टेट और टाइप करने वाले तक पहले ही हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। वकीलों का मकसद अपनी मांग पूरी कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाने का है।
इसके तहत ही हड़ताल का दायरा बढ़ाने की तैयारी की गई है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति ने समिति से जुड़ी 22 बार के अध्यक्ष और सचिव से वार्ता किए बगैर की हड़ताल की समाप्ति का निर्णय ले लिया। यह निर्णय स्वीकार करने योग्य नहीं है। इसलिए, सभी बार के प्रतिनिधियों की शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है।
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तेज करना होगा आंदोलन

बार एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने कहा कि आंदोलन तेज करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक कमेटी गठित की जाए, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर जिला जज के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग रखे। अब यह आंदोलन सभी वकीलों की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। सिर्फ धरना देने से कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि आंदोलन को तेज करना होगा।

आंदोलन में दोनों बार एक साथ

आंदोलन से कचहरी की दोनों प्रमुख बार एक साथ आ गई हैं। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने जिला बार एसोसिएशन को आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद दोनों बार ने एक साथ आंदोलन शुरू किया। बृहस्पतिवार को धरने की कमान महिला अधिवक्ताओं के हाथ में रही। वकीलों ने बार की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। रास्ते में बंद पड़ी दुकानों के सामने ठेली लगाकर बैनर लगा दिया।


समिति से अलग होने की चेतावनी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाइकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के एक प्रमुख पदाधिकारी पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगा है। इस पर गाजियाबाद के वकीलों ने समिति से अलग होने की चेतावनी दी है। बार सचिव अमित नेहरा ने प्रेसवार्ता कर कहा कि अधिवक्ता जिला जज पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। अगर साजिश रचने वाले पदाधिकारी को पद से नहीं हटाया गया तो बार एसोसिएशन समिति से अलग हो जाएगी।

व्यापार मंडल ने दिया समर्थन

व्यापार मंडल ने बृहस्पतिवार को कचहरी में वकीलों की मांग को समर्थन दिया। अध्यक्ष गोपीचंद और महामंत्री अशोक चावला के साथ आए व्यापारियों ने कहा कि वकीलों की मांग उचित है। व्यापारियों ने कहा कि व्यापार मंडल वकीलों की हरसंभव मदद करेगा।



तारीख की भी नहीं हो पा रही जानकारी

वकीलों की हड़ताल के कारण वादकारियों को राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार चौथे दिन कचहरी आए वादकारियों को तारीख लेकर लौटना पड़ा। गाजियाबाद में सीबीआई और ईडी सहित 65 अदालतों में सुनवाई होती है। चार दिन में 35 हजार से ज्यादा केसों की सुनवाई टल चुकी है। अब अधिकांश वादकारी फोन पर अधिवक्ता से तारीख पूछ रहे हैं लेकिन, किसी भी वकील के अदालत में पेश नहीं होने से तारीख भी नहीं मिल पा रही है।


सुरक्षा अधिनियम के लिए संसद भवन का घेराव करेंगे अधिवक्ता : ज्ञानप्रकाश

फोटो समाचार
पूर्वांचल के कई जिलों के बार पदाधिकारी धरने में हुए शामिल
गाजियाबाद। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अधिवक्ता संसद भवन का लोकतांत्रिक ढंग से घेराव भी करेंगे। यह बातें कचहरी में चल रहे वकीलों के धरने में शामिल ऑल इंडिया रूरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कही। उन्होंने जिला जज पर कार्रवाई करने की मांग की।

बृहस्पतिवार को धरने में शामिल हुए ज्ञानप्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार न एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर पा रही है और न ही केंद्र सरकार अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक संसद में पारित करा पा रही है। अधिवक्ताओं पर बेखौफ अपराधी हमलावर हैं। अब पुलिस भी लखनऊ, कानपुर के बाद गाजियाबाद में लाठीचार्ज कर वकीलों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव अनिल त्रिपाठी महेश ने कहा कि गाजियाबाद जिला जज के साथ लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी न होने पर प्रदेशव्यापी अधिवक्ता आंदोलन तेज होगा। लखनऊ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी सहित अन्य जिलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धरने में शामिल होकर घटना की निंदा की। महासचिव अनिल त्रिपाठी सहित अन्य पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कचहरी में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा व सचिव अमित नेहरा को समर्थन पत्र सौंपा।
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