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Ghaziabad News: वकीलों ने पुलिस के सामने फूंका पुतला

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गाजियाबाद। जिला जज की कोर्ट में 29 अक्तूबर को किए गए लाठीचार्ज के विरोध में चार नवंबर से हड़ताल पर चल रहे वकीलों ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को कचहरी के बाहर सड़क पर जाम लगाया। हापुड़ रोड पर दोपहर 12 से दो बजे तक चले हंगामे प्रदर्शन के बीच उन्होंने पुलिस के सामने ही जिला जज अनिल कुमार का पुतला भी फूंका। इतना ही नहीं, एक कार कचहरी के नजदीक आ गई तो पत्थर मारकर उसके शीशे तोड़ दिए।
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इतना कुछ हो जाने के बावजूद पुलिस थोड़ी दूरी पर तमाशबीनों की तरह खड़ी रही। हंगामे के दौरान पुलिसवाले वकीलों के नजदीक भी नहीं आए, जबकि 12 बजे से पहले ही कचहरी के बाहर का इलाका पुलिस छावनी बना दिया गया था। जैसे ही कचहरी से वकील बाहर निकले, पुलिसवाले पीछे हटते चले गए। हंगामे के दौरान वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल प्रदर्शनकारियों ने छीनने का प्रयास किया। बचने की कोशिश में वह गहरे गड्ढे में जा गिरा। पुलिस ने उसे समझाया कि वह वहां से चला जाए।


आज सड़क जाम नहीं करेंगे वकील

(16 को होगी महापंचायत)
दो घंटे हंगामा-प्रदर्शन के बाद वकील वापस कचहरी के अंदर चले गए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान बुधवार को भी न्यायिक कार्य नहीं करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की सभी बार से आंदोलन को तेज करने की अपील की गई। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि बुधवार को कचहरी में धरना-प्रदर्शन चलेगा लेकिन सड़क जाम नहीं की जाएगी। आगे की रणनीति 16 की महापंचायत में तय होगी।
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स्कूली बच्चे भी फंस

गए ट्रैफिक जाम में
(देरी से घर पहुंचे बच्चे)
दोपहर के 12 बजे जैसे ही वकील नारे लगाते हुए कचहरी के बाहर निकले, सड़क पर यातायात जाम हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहन जहां के तहां खड़े हो गए। जाम लगता देख पुलिस ने ट्रैफिक का रूट डायवर्जन कर दिया लेकिन इससे ज्यादा राहत नहीं मिली। वकीलों ने कविनगर और राजनगर की सर्विस रोड भी बंद कर दी थी। ऐसे में वाहनों को घुमाकर ले जाना भी आसान नहीं था। पुराने बस अड्डे, हापुड़ तिराहे, हापुड़ चुंगी, आंबेडकर रोड सर्वाधिक प्रभावित इलाके रहे। शहर की आंतरिक सड़कों पर भी वाहनों के दबाव के कारण जाम लगा रहा। वकीलों के हंगामा-प्रदर्शन के दौरान ही स्कूलों की छुट्टी हुई। ऐसे में स्कूल बसें जाम में फंस गईं। बच्चे देरी से घर पहुंचे।


16 की महापंचायत

में बनेगी रणनीति
(आज सड़क जाम नहीं करेंगे वकील)
बार एसोसिएशन गाजियाबाद की कार्यकारिणी की एक बैठक अध्यक्ष दीपक शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई। संचालन करते हुए सचिव अमित कुमार नेहरा ने कहा कि 15 दिन से जिला जज के खिलाफ धरना चल रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पहले से तय कार्यक्रम के तहत ही मंगलवार को पुतला दहन किया गया। हड़ताल और प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिला न्यायालय/तहसील बार टैक्स बार में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 16 तारीख को महासम्मेलन की तैयारी की जा रही है।


जेल में कैदियों

की संख्या बढ़ी

(तहसील में शुरू हुए बैनामे)
वकीलों की हड़ताल के कारण जमानत के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई नहीं हो पा रही। रोज 150 से 175 मामले जमानत के आते हैं। इसके अलावा कोर्ट फैसले नहीं सुना पा रही है। इससे भी कैदियों की रिहाई नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि जेल में कैदियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज रही है लेकिन जेल से कोई निकल नहीं पा रहा। उधर, सदर तहसील में वकील न्यायिक कार्य नहीं कर रहे लेकिन मंगलवार से बैनामे का काम करने लगे हैं। हालांकि, बैनामे के लिए बहुत कम लोग आए। बैनामे न होने से सरकार को राजस्व की हानि हो रही है।


जांच टीम को दिए गए
बयान को बताया गलत
बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि यूपी बार काउंसिल की ओर से गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने कुछ ऐसे अधिवक्ताओं के बयान दर्ज किए हैं, जो 29 अक्तूबर को लाठीचार्ज की घटना के समय मौजूद ही नहीं थे। इनमें से एक बार एसोसिएशन के सदस्य भी नहीं हैं। उनका पंजीकरण वर्ष 2021 का है लेकिन अभी तक सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) जारी नहीं हुआ है। दूसरे ऐसे अधिवक्ता के बयान दर्ज किए गए हैं, जो घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। बार एसोसिएशन गाजियाबाद उनकी सदस्यता पहले ही समाप्त कर चुकी है।

एक अन्य अधिवक्ता जो सचिव प्रत्याशी रहे हैं, वह भी घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने राजनैतिक द्वेष के कारण गलत व झूठा बयान दर्ज कराया है। उनके बयान का कोई औचित्य नहीं है। बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष से अपील की है कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर सत्य और साक्ष्य के साथ घटना की जांच करें।
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