गढ़मुक्तेश्वर। ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के विरोध में चल रहा वकीलों, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडर्स का कार्य बहिष्कार मंगलवार को २१वें दिन भी जारी रहा। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।
बार के सचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि शासन स्तर से ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया को निरस्त करने की बात तो कही गई है। लेकिन, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रक्र्रिया कब तक लागू नहीं की जाएगी। विकास भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने यह कदम केवल उन लोगों का आंदोलन समाप्त करने के लिए उठाया है। लेकिन, रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े सभी लोग शासन के इस बहकावे में नहीं आएंगे। जब तक शासनादेश में यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि उप निबंधक कार्यालय से जुड़ी सेवाएं पूर्व की भांति ही आगे भी संचालित होती रहेंगी, तब तक वह लोग कामकाज सुचारू नहीं करेंगे।
कांग्रेस ने दिया समर्थन, सरकार की निंदा की
जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील परिसर में पहुंचकर वकीलों से मिले। कांग्रेसियों ने इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। इस दौरान राकेश त्यागी ने कहा कि भाजपा की सरकारें लोगों को रोजगार देने का झूठा वादा कर, उनका पुराना कामकाज भी छीन रही हैं। यह सरकार केवल चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। देश की आम जनता की परेशानियों से इसे कोई फर्क नहीं पड़ता। नगराध्यक्ष मुकेश कौशिक ने कहा कि सरकार को ई-रजिस्ट्री के नए नियम को पूरी तरह वापस लेकर वकीलों समेत इस कामकाज से जुड़े सभी लोगों को राहत देनी चाहिए। ऐसा न होने पर हापुड़ और गढ़ नगर कांग्रेस कमेटी विरोध स्वरूप अनशन करने के लिए मजबूर हो जाएंगी। इस दौरान चंद्रपाल केन, निखिल, अंकित शर्मा, अरुण भारद्वाज आदि मौजूद रहे।