गाजियाबाद। कानून पढ़ने वाले छात्र परीक्षा का कानून तोड़ने में लगे हैं। सीसीएसयू के उड़न दस्ते ने शुक्रवार को मेरठ रोड स्थित जिले के तीन परीक्षा केंद्रों पर तलाशी ली तो इस दौरान विधि के 27 छात्रों को पर्ची, मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया। इतना ही नहीं, उड़न दस्ते ने 102 छात्रों को चेतावनी भी दी। बरामद सामग्री, उत्तर पुस्तिका, प्रश्नपत्र को कब्जे में लेकर सील किया गया और यूनिवर्सिटी को रिपोर्ट भेजी गई।
सीसीएसयू के उड़न दस्ते के प्रमुख डॉ. विनय चिकारा ने बताया कि उड़न दस्ते की टीम के सदस्य डॉ. सुंदरपाल सिंह, डॉ. अमर सिंह, डाॅ. हीरालाल ने सबसे पहले सैंथली स्थित एचएलएम कॉलेज में तलाशी ली। वहां सर्वाधिक 12 छात्रों को नकल करते पकड़ा गया। पांच छात्र ऐसे थे, जो गाइड के पन्ने लेकर ही परीक्षा देने आए थे। 47 छात्र ऐसे थे, जिनके पास बंद मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि सामग्री मिली। इन छात्रों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। दोबारा ऐसा करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
दुहाई स्थित आईएएमआर में सात नकलची और 33 छात्रों को चेतावनी व संकल्प इंस्टीट्यूट में आठ नकलची व 22 छात्रों को चेतावनी दी गई। कुल 23 छात्रों के पास पर्ची, गाइड के पन्ने मिले। दो छात्रों पर मोबाइल और दो छात्र ऐसे मिले, जो प्रवेश पत्र के ऊपर लिखकर लाए थे। उड़न दस्ते ने इतनी बड़ी संख्या में पकड़े गए नकलचियों के मामले में कक्ष निरीक्षकों के रवैये के प्रति भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रों में बिना तलाशी के छात्रों को कैसे प्रवेश दिया जा रहा है।
लंबे समय से की जा रही थी अनदेखी
पड़ोसी जिले मेरठ में सीसीएसयू यूनिवर्सिटी है। इसके बावजूद उड़न दस्ते ने करीब एक माह बाद जिले में दस्तक दी। जबकि, लगातार परीक्षाएं चल रही हैं। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में नकलचियों का पकड़ा जाना परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रो. विनय चिकारा ने बताया कि उड़न दस्ता लगातार सक्रिय है। इसको लेकर आगे भी सघन चेकिंग जारी रहेगी। तलाशी में सामने आ रहा है कि सबसे ज्यादा नकलची विधि पाठ्यक्रमों के पकड़े जा रहे हैं।