गाजियाबाद। अर्थला में कैलाश मानसरोवर एवं कांवड़ यात्री विश्राम स्थल के निर्माण के लिए जीडीए को लैंड यूज (भू- उपयोग) परिवर्तित कराना होगा। मौजूदा रिकार्ड के हिसाब से संबंधित जमीन मनोरंजन से जुड़े कार्य एवं प्रोजेक्ट के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती है।
ऐसे में मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले जीडीए को मास्टर प्लान के हिसाब से भू-उपयोग बदलना पड़ेगा। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि सभी बोर्ड सदस्यों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। जल्द ही बोर्ड बैठक कर उक्त जमीन का भू-उपयोग बदला जाएगा।
बता दें कि रविवार को सांसद वीके सिंह व मेयर अशु वर्मा समेत बीजेपी विधायकों ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। अर्थला में जीटी रोड किनारे प्रस्तावित 8120 वर्गमीटर जमीन पर कैलाश मानसरोवर स्थल बनाया जाना है।
अर्थला गांव के खसरा संख्या 1312, 1313 और 1330 की जमीन अब तक अभिलेखों में मनोरंजन कार्य के लिए निर्धारित है। ऐसे में जीडीए को मास्टर प्लान के हिसाब से निर्माण कार्य करना है। संबंधित जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक उपयोग के लिए किया जाना है।
ऐसे में जाहिर है कि भू-उपयोग बदलने की आवश्यकता पड़ेगी। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर जीडीए गंभीर है। ऐसे में भू-उपयोग बदलने की लंबी प्रक्रिया को लेकर काम शुरू भी कर दिया गया है। पहले प्रस्ताव को जीडीए बोर्ड बैठक में रखकर पास किया जाएगा।
उसके बाद शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले का कहना है कि सभी मेंबर्स को अवगत कर दिया गया है और जल्द ही बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखकर इस पास किया जाएगा। उसके बाद शासन की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। सारा काम तेजी से नियमानुसार किया जाएगा।