नोएडा टेंडर घोटाला प्रकरण में फंसे यादव सिंह की फरार चल रही पत्नी कुसुमलता और ठेकेदार पंकज के मामले में कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। विशेष न्यायाधीश ने फरार दोनों आरोपियों की फाइल को अलग कर दोनों मुकदमों की सुनवाई साथ-साथ चलाने और आरोपियों के चौथी बार कुर्की प्रकि्रया जारी रखने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने बाकी आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई को 9 जून की तारीख दी है। नोएडा के चर्चित टेंडर घोटाले में बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में आरोपियों की पेशी थी।
डासना जेल में बंद रामेंद्र सिंह, देवी राम आर्य, राजीव कुमार, जेपी सिंह, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह, विनोद कुमार गोयल और प्रदीप गर्ग को पुलिस अभिरक्षा में पेश किया गया। मुख्य आरोपी यादव सिंह (वर्तमान में लखनऊ कारागार में बंद) को भी कोर्ट में पेश किया गया।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह और अनुराग मोदी ने कोर्ट को बताया कि फरार आरोपी ठेकेदार पंकज और यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उनकी तलाश में सीबीआई की दबिश जारी है।
इस पर विशेष न्यायाधीश ने सीबीआई विवेचक को अंतिम मौका देते हुए आदेश दिया कि 9 जून तक सीबीआई हर हालत में कुसुमलता और पंकज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करे। ऐसा न करने पर सीबीआई विवेचक के खिलाफ विधिनुसार कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन पर कार्रवाई के लिए सीबीआई के उच्चाधिकारियों को भी निर्देशित किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने यह कहते हुए फरार कुुसुमलता और पंकज जैन की फाइल को अलग कर दिया कि इन दोनों के पेश न होने से मुकदमे की कार्रवाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में फरार अभियुक्तों की पत्रावली उपस्थित आरोपियों की पत्रावली से अलग करके मामले का विचारण करना ही न्यायहित में सही होगा।