कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन का दायरा देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने नई रणनीति तैयार की है। इसमें आंदोलन को हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, अंग्रेजी, गुजराती, हरियाणवी, मराठी समेत अन्य भाषाओं में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाएगा।
कमेटी ने इसके लिए दस एक्सपर्ट सदस्यों की टीम भी तैयार कर ली है। टीम ने सबसे पहले 28 जनवरी की रात राकेश टिकैत की आंखों से निकले आंसू की वीडियो को अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में डब करने के लिए चुना है। उस पर काम चल रहा है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि किसान आंदोलन देश के हर राज्यों तक पहुंच चुका है। दिन-प्रतिदिन गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होकर दूसरे राज्यों के किसान समर्थन भी देते हैं। लेकिन यहां के किसान दूसरे राज्यों के किसानों की बातों को नहीं समझ पाते हैं। जो किसान आर्थिक या पारिवारिक समस्या के चलते यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह सोशल मीडिया पर वीडियो देख लेते हैं।
मगर इस प्लेटफार्म पर भी उन्हें भाषायी समस्या से गुजरना पड़ता है। ऐसे में गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने तय किया है कि आंदोलन की एक-एक वीडियो और महापंचायत में किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत के संदेश को वीडियो के साथ कुछ घंटे में ही अन्य भाषाओं में डब करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाएगा। इस रणनीति के तहत कमेटी के पदाधिकारी अन्य भाषाओं की डब वीडियो को जल्द ही यूपी गेट पर लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दस सदस्यों की टीम भी काम में जुट गई है।