गाजियाबाद। परिषदीय स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प में जिले को तीसरा स्थान मिला है जिसमें दिखाया गया है कि जिले के लगभग सभी स्कूलों में कायाकल्प के 16 मानकों पर काम हो चुका है लेकिन बीएसए कार्यालय से बिल्कुल सटे हुए प्राथमिक विद्यालय नासिरपुर का ही हाल बेहाल है। स्कूल में कुछ वक्त पहले ही मिट्टी का भराव कराया गया। पिछले हफ्ते हुई बारिश से स्कूल में कीचड़ हो गई थी। स्कूल में न टाइल्स लगे हैं और न ही रंगाई पुताई का काम अुआ है।
स्कूल में बच्चों के पानी पीने की जगह पर काई जमी हुई है। वहीं हाथ धोने की टंकी के पास लगी टाइल भी गिरने लगी हैं। स्कूल प्रधानाचार्य हामिद सैफी ने बताया कि स्कूल का चयन कायाकल्प के लिए नहीं किया गया था। जिसकी वजह से स्कूल में कोई कार्य नहीं हुआ। एक एनजीओ के सहयोग से स्कूल में मिट्टी का भराव कराया गया है। अब नगर निगम की ओर से स्कूल में काम कराया जाएगा। इसके साथ प्राथमिक विद्यालय बौंझा में भी कायाकल्प के तहत कोई कार्य नहीं कराया गया है। प्रधानाचार्य कमलेश ने बताया कि स्कूल में छत की मरम्मत होनी है और टाइल्स भी लगनी है। पहले भी स्कूल में प्लास्टर गिरने की घटना हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल में कायाकल्प के तहत कार्य नहीं कराए गए हैं। स्कूल की एक दीवार से प्लास्टर भी हटकर गिर रहा है।
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मुख्यमंत्री डैशबॉर्ड पर मिला तीसरा स्थान
मुख्यमंत्री डैशबॉर्ड पर जारी हुई जिला अनुश्रवण पुस्तिका में जिले को तीसरा नंबर मिला है। जिला समन्वयक निर्माण विश्वास गौतम ने बताया कि जिले के लगभग सभी स्कूलों में कुल 19 मानकों में से 16 पूरे हो चुके हैं। जिसके लिए 2023 की रिपोर्ट में जिले को 10 में से 10 अंक मिले हैं। इसके साथ कई स्कूलों में पूरे 19 मानकों पर कार्य हो चुका है।
स्कूल के मानक
शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल
बालक-बालिका शौचालय
नल से जल आपूर्ति
शौचालय का टाइलीकरण
दिव्यांग सुलभ शौचालय
मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट
रसोई घर, कक्ष के फर्श का टाइल्स
श्याम पट्ट, विद्यालय की समुचित रंग पुताई
विद्यालय परिसर में दिव्यांग-सुलभ रैम्प
कक्ष में उपयुक्त वायरिंग एवं विद्युत उपकरण
विद्यालयों का विद्युत संयोजन
फर्नीचर डेस्क आदि
जिन स्कूलों में कार्य नहीं हुआ है उनमें जल्द कार्य कराए जाएंगे। नासिरपुर स्कूल के काम के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द सभी स्कूलों में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। - ओपी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी