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Ghaziabad News: जुलाई में शादियों के महज 10 साये

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गाजियाबाद। जुलाई महीने में इस बार शादियों के लिए महज 11 शुभ मुहूर्त हैं। जून माह के दो शुभ मुहूर्तों को मिलाकर शादियों के लिए अब सिर्फ 12 शुभ दिन बचे हैं। इसके बाद गुरु के अस्त होने और देवशयनी एकादशी होने से शहनाइयों पर सीधे चार महीने का ब्रेक लग जाएगा।
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पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि जून माह में शादियों के दो साये हैं और जुलाई में कुल 10 साये हैं। उसके बाद 16 जुलाई से गुरु अस्त हो रहे हैं। गुरु को विवाह का कारक माना जाता है इसलिए गुरु के अस्त होने पर विवाह-शादी जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि गुरु का तारा अस्त होने के साथ ही 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी हो जाएगी। देवशयनी एकादशी से लेकर देवोत्थान एकादशी तक चार महीने कोई भी शुभ मुहू्र्त नहीं होगा। माना जाता है कि इस दौरान भगवान विष्णु चार महीने तक योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे चतुर्मास कहा जाता है। इस दौरान विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते हैं।
शादियों के साये
जून- 28,29

जुलाई - 1, 2, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 12
22 जुलाई को भड़ेरिया नवमी
इस बीच 22 जुलाई को भड़ेरिया नवमी है। भड़ेरिया नवमी को शादियों के लिए अबूझ साया माना जाता है। पंडित शिव कुमार शर्मा ने कहा कि गुरु अस्त होने के कारण अबूझ साये का भी महत्व घट जाएगा।
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20 नवंबर से लौटेगी शादियों की रौनक
पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 12 जुलाई के बाद सीधे 20 नवंबर से शादियों की रौनक लौटेगी। 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। देवोत्थान एकादशी के दिन देव योग निद्रा से उठेंगे उसके बाद से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
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