भारतीय वायुसेना और ड्रोन फेडरेशन आफ इंडिया की संयुक्त मेजबानी में कराए जा रहे दो दिवसीय ड्रोन शो के पहले दिन सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से खुद ब खुद काम करते हुए जादुई चिराग की तरह ड्रोन ने पलभर में दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर सोमवार की सुबह भारत की ड्रोन शक्ति को देख लोग दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए। दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे देश में बने ड्रोन ने खेतों में कीटनाशकों से छिड़काव से लेकर आग बुझाने तक के मुश्किल काम चुटकी में करके दिखा दिए।
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सबसे ज्यादा रोमांच सेना के साथी बने ड्रोन के हैरतअंगेज करतब देखकर हुआ। पहले दिखाया गया कि कैसे आसमान में उड़ता ड्रोन जमीन पर छिपे आतंकी का पता लगा सकता है। फिर ड्रोन से बम गिराकर देश के दुश्मन का ठिकाना तबाह करने का नमूना पेश किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से खुद ब खुद काम करते हुए जादुई चिराग की तरह ड्रोन ने पलभर में दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
शो में थर्मल कैमरे से लैस आग बुझाने वाले अग्निशमन ड्रोन, घुसपैठियों को मार गिराने में सक्षम आइडिया ड्रोन, दुश्मन का पता लगाने (रेकी) वाले स्वाम ड्रोन, 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पांच किलो तक भार ले जा सकने वाले ईगम ड्रोन को सबसे ज्यादा वाहवाही मिली।
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भारतीय वायुसेना और ड्रोन फेडरेशन आफ इंडिया की संयुक्त मेजबानी में कराए जा रहे दो दिवसीय ड्रोन शो के पहले दिन सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया। ड्रोन शो में 50 कंपनियां अपने-अपने ड्रोन लेकर आई हैं। पहले दिन 14 तरह के ड्रोन ने अपनी ताकत का अहसास कराया।
दो दिवसीय ड्रोन शो
- फोटो : अमर उजाला
इसके गवाह स्कॉटलैंड, स्पेन और मैक्सिको समेत 15 देशों से आए सैन्य अधिकारी भी बने। आसमान में ड्रोन के करतब देखने के बाद सवा 11 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रदर्शनी स्थल पहुंचे। उन्होंने सभी कंपनियों के काउंटर पर लगे ड्रोन की खूबियों को जाना।
दो दिवसीय ड्रोन शो
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद प्रदर्शनी सभागार के बाहर बने भारत इलेक्ट्राॅनिक्स, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस व वायुसेना के काउंटर पर कई ड्रोन को नजदीक से देखा। केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह और वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी उनके साथ रहे।
दो दिवसीय ड्रोन शो
- फोटो : अमर उजाला
ड्रोन हब बनने की दिशा में बढ़े कदम
देश के वर्ष 2030 तक वैश्विक ड्रोन हब बनने की दिशा में सोमवार को एक और कदम बढ़ाया गया। बड़ी संख्या में कंपनियों के आने से साफ हो गया कि ड्रोन की दुनिया में भारत अपनी खास जगह बनाने के लिए तैयार हो चुका है। ड्रोन की मदद से रक्षा क्षेत्र में दुश्मनों की टोह रखने से लेकर कृषि, चिकित्सा, आपदा, सफाई क्षेत्र में काम को आसानी से करना संभव हो रहा है।
दो दिवसीय ड्रोन शो
- फोटो : अमर उजाला
यह सरकार की 2021 में आई उदारीकृत ड्रोन नीति से संभव हो पा रहा है। इससे ड्रोन के क्षेत्र में सार्वजनिक उपक्रम व निजी कंपनियों के आने से तकनीक और संसाधन आसानी से मिल पा रहे हैं।
ड्रोन शक्ति कार्यक्रम में ड्रोन क्षेत्र से जुड़ी भारत इलेक्ट्रानिक्स, राफे एमफिब्र, एयेरो एआरसी, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, न्यू स्पेस, लाइडर्स इंडिया लिमिटेड, भारत डायनामिक लिमिटेड, आइडिया फोर्ज, बिईंग देयर, ड्रोन डेस्टिनेशन, डसॉल्ट सिस्टम, दक्क्षा, इनरकॉम सोल्यूशन, गो ग्रीन, अयान आटोनोमस सिस्टम, एक्सीकॉम, ईमेगीनेरियम, रीडविंग, एंबर विंग्स, इनविक्टस डिफेंस सिस्टम कंपनी शामिल रहीं। इससे पहले मई 2022 में प्रगति मैदान में आयोजित हुए देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव भारत ड्रोन शक्ति का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।