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Ghaziabad News: मां-बेटी को नशीला पदार्थ खिलाकर गहने व नकदी किए चोरी

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गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र की पॉश कालोनी राजनगर में घरेलू सहायिका ने खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर मकान मालिक बीसी बंसल (83) की बेटी मेघना और पत्नी कमलेश को बेहोश कर दिया। मकान मालिक ने खाना नहीं खाया तो घरेलू सहायिका ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और नकदी और गहने लेकर भाग गए। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि घरेलू सहायिका ईशा पत्नी महेश निवासी बंगलूरू ने नौ मार्च की रात खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाकर मकान मालिक की पत्नी कमलेश बंसल और बेटी मेघना बेहोश हो गई। जबकि बीसी बंसल ने बीमार रहने के चलते खाना नहीं खाया। आरोप है कि ईशा ने अपने पति महेश और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बीसी बंसल को बाथरूम में धकेल कर बाहर से कुंडी लगा दी। जिसके बाद घरेलू सहायिका ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर में रखे 70 हजार रुपये की नकदी, तीन मोबाइल, सोने की चेन और अंगूठी चोरी कर भाग गए। बाथरूम में बंद बीसी बंसल ने शोर मचाया तो मेघना ने दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो घर से नशीले पदार्थ की एक शीशी और तमंचा रसोई से मिला। मेघना और उनकी मां कमलेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर घरेलू सहायिका ईशा उसके पति महेश और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

घरेलू सहायिकाएं और सहायकों की वारदातें

-07 जनवरी 2025 को कविनगर में घरेलू सहायक ने स्टील कारोबारी आरडी गुप्ता के घर में करीब एक करोड़ रुपये की चोरी।

-11 मार्च 2025 में घरेलू सहायिका ने वृद्धा के हाथों से निकाल लिए थे सोने के कंगन।

-04 फरवरी 2025 को राजनगर निवासी राकेश कुमार मित्तल की कार से चालक अभिषेक मिश्रा ने 10 लाख रुपये किए थे चोरी।

-14 अक्तूबर 2024 को नंदग्राम निवासी जितेंद्र त्यागी के घर से घरेलू सहायिका ने पति के साथ मिलकर 9.5 लाख के गहने और 60 हजार की नकदी चुराई।



90 फीसदी घरेलू सहायक, सहायिकाओं का सत्यापन नहीं

नौ मार्च को बीसी बंसल के घर घरेलू सहायिका ने परिजनों को नशीला पदार्थ खिलाकर चोरी को अंजाम दिया। यह गलती स्टील कारोबारी रामदास गुप्ता या बीसी बंसल की नहीं है पिछले दो वर्षों में घरेलू सहायक और सहायिकाएं दो दर्जन से अधिक बड़ी चोरियों की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस इनका सत्यापन करने में लापरवाही बरत रही है। डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि किसी भी घरेलू सहायक को रखने से पहले उसका आधार कार्ड, लाइसेंस व पहचान पत्र जरूर देखें। साथ ही नजदीकी पुलिस चौकी और थाने से इन दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करा लें। पुलिस समय-समय पर लोगों को इस बाबत जागरूक भी करती है और सत्यापन भी करती है। घरेलू सहायक यदि प्रदेश का है तो मात्र पांच दिनों में सत्यापन पुलिस कर देती है। गैर राज्य का निवासी है तो 15 दिनों में सत्यापन हो जाता है। इसके साथ ही यूपी कॉप मोबाइल एप में नौकर, ड्राईवर, नौकरानी, माली और सुरक्षाकर्मी के सत्यापन कराने की सुविधा है। इस एप पर घर बैठे घरेलू सहायकों का सत्यापन पूर्ण होगा और कार्रवाई की बाबत जानकारी भी मिलेगी।
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