संयुक्त जिला अस्पताल में अब नवजात शिशुओं में पीलिया की जांच बिना रक्त निकाले की जा रही है। इसके लिए आधुनिक ड्रैगर जॉन्डिस मीटर मशीन लगाई गई है। इससे दर्द रहित स्क्रीनिंग संभव हुई है।
संयुक्त जिला अस्पताल में अब नवजात शिशुओं में पीलिया (बिलिरूबिन) की जांच बिना रक्त निकाले की जा रही है। इसके लिए अस्पताल में आधुनिक ड्रैगर जॉन्डिस मीटर मशीन लगाई गई है। यह मशीन नवजात की अंगुलियों पर लगाते ही बता देती है कि बिलिरूबिन का स्तर सामान्य है या अधिक। इससे दर्द रहित स्क्रीनिंग संभव हो गई है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. योगेंद्र ने बताया कि अब सभी नवजातों का पहले इस मशीन से स्क्रीनिंग टेस्ट हो रहा है। पीलिया का स्तर जिन बच्चों में अधिक पाया जाता है, केवल उन्हीं का आगे खून की जांच से कन्फर्मेशन टेस्ट कराया जा रहा है। इससे अनावश्यक ब्लड सैंपलिंग कम हो गई है। इससे पहले पीलिया का पता लगाने के लिए सभी बच्चों की खून की जांच कराने की जरूरत पड़ रही थी।
हाल ही में लगाई गई मशीन से 10-12 नवजातों की जांच की जा चुकी है। मशीन की कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह के अनुसार, 37 सप्ताह से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में पीलिया का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनका लीवर पूरी तरह विकसित नहीं होता। हालांकि, जन्म के बाद अधिकांश नवजातों में किसी न किसी स्तर का पीलिया पाया जाता है।