सेल्फी लेना अब लोगों का स्टेटस सिंबल बन गया है। ऐसे में रामलीला मेला मैदान में लगने वाले फोटो स्टूडियो पर संकट खड़ा हो गया है। इन दिनों शहर में चल रही विभिन्न रामलीलाओं में लगे फोटो स्टूडियो सूने से पड़े हैं। संचालकों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो कुछ साल बाद मेलों में स्टूडियो लगने ही बंद हो जाएंगे।
रामलीला मैदानों में लगे फोटो स्टूडियो की कमाई सेल्फी के इस दौर में खत्म हो गई है। एक जमाना था जब मेलों में लगने वाले स्टूडियो पर भीड़ उमड़ती थी। बाइक, कार और फूलों की बगिया के बीच बैठकर लोग अपना फोटो खिंचवाते थे। स्टूडियो संचालक भी जमकर कमाई करते थे। अब धीरे-धीरे फोटो स्टूडियो खत्म होते जा रहे हैं।
मेलों में लगने वाले स्टूडियो स्टाल का हाल तो और भी बेकार है। हर हाथ में मोबाइल फोन ने फोटोग्राफी के रोजगार पर खासा असर डाला है। अब हर पल की याद को लोग सेल्फी में कैद कर लेते हैं। महंगी जमीन लेने के बावजूद फोटो स्टूडियो संचालकों को खर्चा तक निकालना भारी पड़ता है। बावजूद इसके कमाई की उम्मीद लिए दुकानदार स्टाल लगाए हुए हैं।
कविनगर रामलीला मेले में स्टूडियो चलाने वाले मोहम्मद मुशाहिद ने बताया कि वह मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं। मेलों में फोटो स्टूडियो लगाना उनका पारंपरिक कारोबार है। वह खुद भी करीब 30 साल से मेले में स्टूडियो लगाते हैैं। मुशाहिद के अनुसार हर साल कमाई में लगातार गिरावट आ रही है। मेले में आने भर की भी कमाई नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति रही तो अगले साल से मेले में स्टाल लगाना बंद करना पड़ेगा।