माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को समय से पूरा कराने के लिए मंगलवार को नगर आयुक्त ने कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने 30 सितंबर तक कार्य को पूरा करने का निर्देश दिए।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शहर के 41 सिग्नलों को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 300 हाईटेक कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। इसमें 53 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे सीसीटीवी समेत हाई डेफिनिशन कैमरे के जरिये रेड लाइट पर वाहनों के दबाव के हिसाब से रेड/ग्रीन लाइट की टाइमिंग ऑटोमैटिक तरीके से खुद ही सेट हो जाती है। रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरा के जरिये कमांड कंट्रोल रूम में बैठकर ट्रैफिक पुलिस उन वाहन चालकों पर भी निगाह रख सकती है, जो रेड लाइट जंप करते हैं। ये कैमरा ऐसे लोगों की इमेज कैप्चर करने के साथ ही वाहन के नंबर के आधार पर खुद ही चालान काट देता है। बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाले चालकों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई इसके माध्यम से आसानी से की जा सकती है। आईटीएमएस के जरिये ट्रैफिक मैनेजमेंट में तो मदद मिलती ही है, साथ ही साथ कानून व्यवस्था को सुचारु रखने में भी सहायता मिलती है। इसकी मदद से बदमाशों की धरपकड़ में पुलिस को कामयाबी मिलती है। बैठक में निर्माण विभाग मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी को मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान कार्यदायी एजेंसी इफकोन से मोहित गिरधर प्रोजेक्ट हेड, संदीप, नीरज, राजीव, विकास, अमन, अंकित आदि मौजूद रहे।