गाजियाबाद। जिले में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को जमीन पर उतारने की दिशा में जीडीए तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) 50-50 प्रतिशत साझेदारी में विकसित करेंगे। निर्माण से लेकर भविष्य की आय तक दोनों पक्षों की बराबर हिस्सेदारी होगी।
बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। इस संबंध में जल्द ही एमओयू साइन कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।स्टेडियम के आसपास होटल, खेल गतिविधियों के केंद्र और व्यावसायिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इससे इसे एक स्पोर्ट्स और कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
बोर्ड बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी
जीडीए कार्यालय में 172वीं बोर्ड बैठक मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गाजियाबाद के विकास से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से जिले की शहरी तस्वीर बदलने और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, वित्त नियंत्रक एके वाजपेयी, सचिव विवेक मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पहली बार लैंड पूलिंग का प्रयोग
बैठक में एयरोसिटी प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा हुई। इस परियोजना में मोरटा, अटौर और मेवला अगरी गांवों की लगभग 200 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया जाएगा। इसमें पहली बार लैंड पूलिंग नीति लागू होगी। इसके तहत किसानों की जमीन विकसित कर उन्हें उसका हिस्सा वापस दिया जाएगा। परियोजना पर 2,813 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। यहां आधुनिक आवासीय सेक्टर, व्यावसायिक केंद्र, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन सुविधाएं विकसित होंगी। साथ ही सड़क निर्माण में अंतरराष्ट्रीय तकनीक के इस्तेमाल की योजना है।
हरनंदीपुरम फेज-2 के लिए 2190.50 करोड़ रुपये की मंजूरी
हरनंदीपुरम योजना के फेज-1 में करीब 100 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के बाद अब दूसरे चरण में 125 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर 2190.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें भावापुर, मोरटा और शाहपुर निज मोरटा की जमीन शामिल है। फिलहाल ड्रोन सर्वे जारी है और अगली बैठक में योजना के लॉन्च पर फैसला संभव है।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती
गौर ग्रीन एवेन्यू अग्निकांड के बाद जीडीए ने अग्निशमन विभाग को 100 करोड़ रुपये दिए हैं। इससे आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरणों की खरीद की जा रही है। इसमें 102 मीटर तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। उपकरणों की गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था लागू की जाएगी।
मंडलायुक्त एक गाड़ी से पहुंचे बैठक में
पहले बैठक मेरठ में प्रस्तावित थी, लेकिन प्रधानमंत्री के काफिले को कम करने की पहल के चलते इसे गाजियाबाद में आयोजित किया गया। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी एक ही वाहन से जीडीए कार्यालय पहुंचे। बैठक मेरठ में होती तो बड़ी संख्या में अधिकारियों को वहां जाना पड़ता। इसके लिए कई गाड़ियां मेरठ जातीं।