सपा मुखिया मुलायम सिंह के खासमखास माने जाने वाले एमएलसी आशु मलिक और उनके छोटे भाई जिला पंचायत अध्यक्ष नूरहसन मलिक का नाम मुख्यमंत्री कार्यक्रम से काटे जाने पर मुस्लिम समाज में कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ गुस्सा है। इसी कड़ी में मुस्लिम समाज ने आजम खां का पुतला फूंककर गुस्सा जाहिर किया।
आशु मलिक ने कहा है कि आजम खां ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का भी अपमान किया है। जिस हज हाउस का शिलान्यास मुलायम सिंह यादव ने किया था, उसी हज हाउस के लोकार्पण कार्यक्रम से ही मुलायम सिंह यादव का फोटो तक गायब था।
बता दें सोमवार को गाजियाबाद में हज हाउस का उद्घाटन कार्यक्रम में एमएलसी आशु मलिक और उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष नूरहसन मलिक की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। बाद में पता चला कि कार्यक्रम में से दोनों का नाम लखनऊ स्तर पर कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कटवा दिया था। इस सूचना के बाद मुस्लिम समाज के लोगों में गुस्सा है।
मुरादनगर में सोमवार रात मुस्लिम समाज के लोगों ने आजम खां का पुतला फूंका।एमएलसी आशु मलिक ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे, मगर आजम खां ने उनका और उनके भाई का नाम कटवाया है। इसके अलावा कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह तक का फोटो नहीं था। आजम खां ने नेता जी का अपमान किया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष नूरहसन को नहीं बुलाकर पूरे गाजियाबाद का अपमान किया गया है।आशु मलिक ने कहा कि ‘मैं पूछना चाहता हूं कि आजम खां को नेता जी का अपमान करने का अधिकार किसने दिया है। हज हाउस का उद्घाटन आजम खां का प्राइवेट कार्यक्रम नहीं था। नेता जी ने हज हाउस की नींव रखी थी और उनका फोटो ही गायब रहा।
’ आशु मलिक ने कहा कि वह काफी समय से बर्दास्त करते आ रहे हैं। मगर अब नेता जी और गाजियाबाद का अपमान हुआ है, यह बर्दास्त नहीं होगा। सहारनपुर से गाजियाबाद तक के मुस्लिम भाइयों में इस बात को लेकर आजम खां के खिलाफ रोष व्याप्त है।
कई लोगों के कटे थे नाम
हज हाउस के उद्घाटन मंच से कई लोगों के नाम काट दिए गए थे। सपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की मानें तो गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं के प्रत्याशियों के नाम भी आजम खां द्वारा काट दिए गए थे। इस पर संगठन ने कड़ा एतराज जताया था।
इसके बाद प्रत्याशियों के नाम दोबारा से जोडे़ गए। इसी के चलते पांचों प्रत्याशियों ईश्वर सिंह मावी, दिशांत त्यागी, राशिद मलिक, रामआसरे शर्मा और डा. सागर शर्मा को मंच पर जगह मिल पाई। पता चला है कि जिन लोगों के नाम सूची से काटे गए उनमें एमएलसी जितेंद्र यादव, वाणिज्यकर सलाहकार समिति के सदस्य रामकिशोर अग्रवाल, नाहर सिंह यादव, महिला आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी समेत कई अन्य शामिल थे।
एमएलसी राकेश यादव को भी अंतिम समय पर आजम खां के सचिव से अनुमति के बाद मंच पर बैठाया गया।
पंजाबी बिरादरी के अपमान की शिकायत रामूवालिया से
सपा के जिला प्रवक्ता सरदार इंद्रजीत सिंह टीटू का कहना है कि इस कार्यक्रम में पंजाबी समाज की अनदेखी की गई। गाजियाबाद की तीन विधानसभाओं में ही पंजाबी समाज की करीब 2 लाख वोटर हैं।
अब कुछ ही माह में चुनाव होने वाले हैं। अब किस मुंह से वह समाज के बीच जाएंगे। टीटू ने कारागार मंत्री रामूवालिया के साथ ही सीएम को पत्र भेजकर नाराजगी जाहिर की है।
विरोध करने आ रहे कांग्रेसियों को लिया गया हिरासत में
कन्या विद्यालय और अस्पताल की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे करीब 200 कांग्रेसियों को साहिबाबाद पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पर बैठा लिया। कांग्रेसी नेता नरेंद्र राठी और सतीश शर्मा ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे, मगर हिरासत में लेकर थाने में बैठाया गया।
एक साल पहले भी उन्होंने लखनऊ में इन्हीं मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी कांग्रेसियों को छोड़ दिया।