गाजियाबाद। नवरात्र पर लोगों तक दूषित खाद्य पदार्थ न पहुंचें इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पांच टीमें बनाई हैं। प्रत्येक टीम में चार अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। ये टीमें मुख्य रूप से कुट्टू के आटे की जांच कर रही हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश मिश्र ने बताया कि ये टीमें कारखानों, बड़े भंडारों और छोटी दुकानों पर नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि कुट्टू का आटा पुराना होने पर शरीर पर बुरा असर डालता है। इससे खाद्य विषाक्तता का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इसे रोकने के लिए लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में राइटगंज घंटाघर में मेसर्स लोकेश चंद और बाबूराम ब्रिज कॉर्प के यहां जांच हुई। वहां से 300 किलोग्राम कुट्टू का आटा जब्त किया गया। इसके दो नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग की यह कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य पदार्थों की जब्ती और निगरानी
एसएस जीटी रोड स्थित मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के यहां जांच के दौरान 286 लीटर घी जब्त किया गया। इसके भी दो नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि पिछले वर्ष लोनी और मोदीनगर में कुट्टू आटे से लोग बीमार पड़े थे। इस बार ऐसी घटना न हो, इसके लिए दोनों क्षेत्रों को संवेदनशील क्षेत्र बनाया गया है। टीमें यहां अधिक सक्रिय रहेंगी और छोटी दुकानों में भंडार की जांच करेंगी।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
लोनी में दिल्ली सीमा से लगे इलाकों में छोटे दुकानदार पुराने माल को खपाने की कोशिश करते हैं। ऐसी दुकानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सहायक आयुक्त ने लोगों से खुला कुट्टू का आटा न खरीदने की अपील की है, क्योंकि कुट्टू एक बार पीसने के बाद कुछ दिन ही प्रयोग किया जा सकता है और उसके पुराना होने की संभावना अधिक होती है। पैकेट बंद आटा लेते समय उसकी समाप्ति तिथि की जांच अवश्य करें। मोदीनगर और लोनी कस्बा से तीन कुट्टू और एक सिंघाड़ा आटा के नमूने लिए गए हैं।