गाजियाबाद। मोदीनगर के सैदपुर हुसैनपुर डीलना में 251 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औद्योगिक टाउनशिप और लॉजिस्टिक पार्क के लिए लैंड बैंक बनाने और भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव पर जीडीए की बोर्ड बैठक में मुहर लग गई है। इसी के साथ बैठक में रखे गए सभी प्रस्तावों को पास कर दिया है। बैठक में महायोजना 2031 को अंगीकृत करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है।
जीडीए की 170वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को मेरठ में मंडलायुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 16 प्रस्ताव रखे गए। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एक जिला- एक उत्पाद के तहत गाजियाबाद मशीनरी के पार्ट्स के लिए चयनित है। 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जिले में उद्योग लगाने के लिए 3700 उद्यमियों ने 1,37000 करोड़ का निवेश करने का एमओयू साइन किया था। प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक और दिशा की बैठक में उद्योगों के लिए जमीन की कमी का मुद्दा उठाया गया था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए महायोजना 2031 में मोदीनगर, लोनी और डासना में औद्योगिक सिटी बनाने के लिए योजना बनाई जा रही है। बोर्ड बैठक में दिल्ली-मेरठ रोड पर मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन से चार किलोमीटर की दूरी पर सैदपुर हुसैनपुर डीलना में 251 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक सिटी और लॉस्टिक पार्क के लिए प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। 12 अगस्त को क्षेत्र का संयुक्त टीम द्वारा सर्वे किया गया था। यह क्षेत्र मेरठ के परतापुर बाईपास से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रस्तावित टाउनशिप की योजना दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से चार किलोमीटर पर है। यहां औद्योगिक सिटी के आने से परिवहन की सुविधा उद्यमियों को मिल सकेंगी।
लैंड पूलिंग और अर्जन के माध्यम से ली जाएगी जमीन
जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि औद्योगिक सिटी के लिए चिह्नित क्षेत्र में ग्राम समाज की करीब 63 हेक्टेयर जमीन है। इसके साथ करीब 190 हेक्टेयर जमीन निजी है। दो चरणों में जमीन का अर्जन किया जाएगा। लैड पूलिंग के जरिए जमीन ली जाएगी। नई टाउनशिप के विकास और टाउनशिप के विस्तारीकरण के लिए भूमि अर्जन की लागत में आने वाले व्यय का 50 फीसदी राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्षों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। शेष धनराशि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरण की ओर से खर्च की जाएगी।
हरनंदीपुरम योजना के लिए आपसी सहमति से नहीं मिलने वाली जमीन का होगा अधिग्रहण
बोर्ड बैठक में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय योजना में जमीन को लेकर बड़ा निर्णय किया गया है। योजना में किसानों के विरोध के चलते बैनामों की रफ्तार धीमी होने पर अब शेष बची जमीन के अधिग्रहण क प्रस्ताव पास किया गया है। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शहर की बढ़ती जनसंख्या और आवासीय मांग को देखते हुए बोर्ड ने यह कदम उठाया। दिल्ली-मेरठ रोड से सटी इस योजना में आठ गांवों की भूमि सम्मिलित है। अधिकतर भूमि आपसी सहमति से खरीदी जाएगी। शेष भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 501 हेक्टेयर की योजना में तीन महीने बाद भी करीब 70 हेक्टेयर जमीन का बैनामा हुआ है।
लोगों के लिए बनेंगे उत्सव भवन
जनसामान्य की सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखकर उत्सव भवन के निर्माण और संचालन का भी प्रस्ताव पास किया गया है। जीडीए सचिव ने बताया कि अक्तूबर से आधुनिक सामुदायिक केंद्र और बारात घर के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ट्रिपल पी के तहत निर्माण कराया जाएगा। लोगों को किफायती दामों पर शादी-ब्याह, पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रम करने की सुविधा मिल सकेगी।