इंदिरापुरम। इंदिरापुरम में सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण और खोदाई कार्य की धीमी रफ्तार अब हर दिन लोगों की परेशानी को बढ़ा रही है। सोसायटियों और स्कूलों के सामने कई महीनों से सड़कें खुदी पड़ी हैं। दिन-रात सड़क पर चल रही खोदाई के कारण न केवल आवाजाही प्रभावित होती है बल्कि धूल उड़ने से बुजुर्ग और सांस के मरीजों को दिक्कत होने लगी है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो जाती है। इससे कुछ स्थानों पर पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या सामने आती है। लोगों का कहना है कि कई जगह सड़क खोदने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया जाता है और निगम की ओर से कई दिनों तक दोबारा काम शुरू नहीं किया जाता। इससे आवाजाही प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
-
स्थानीय निवासी का कहना
सड़क कई महीनों से खुदी हुई है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती रहती है। बार-बार शिकायत के बाद भी काम में गति नहीं आ रही है।- दीप्ति झा, निवासी, शिप्रा रिवेरा सोसायटी
-
किसी भी कार्य को पूरा करने की कोई समय सीमा होती है। एक महीने से अधिक हो गया है और सोसायटी के सामने गड्ढे करके अधिकारियों ने छोड़ दिए गए हैं। चारों तरफ गड्ढे ही दिख रहे हैं। माना कि विकास कार्य, लेकिन पूरा करने में इतना समय क्यों लग रहा है।- श्रुति ठाकुर, निवासी, शिप्रा रिवेरा सोसायटी
स्कूल के आसपास सड़क की खोदाई से बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है। सुबह और दोपहर के समय यातायात के साथ धूल की समस्या भी बढ़ जाती है।- दीपा तोमर, उपाध्यक्ष, इंदिरापुरम वेलफेयर एसोसिएशन
कई बार पाइपलाइन टूटने से पानी की समस्या हुई है। काम पूरा होने की बजाय कुछ जगह सड़क खोदकर छोड़ दी जाती है, इससे लोगों की परेशानी बढ़ती है।- आरके गुप्ता, कार्यकारी सदस्य, इंदिरापुरम वेलफेयर एसोसिएशन
क्या बोले अधिकारी
विकास कार्यों को करने का तरीका बदला जाएगा और सौ-सौ मीटर के दायरे पर काम कराया जाएगा, इससे लोगों को परेशानी न हो। एनके चौधरी, मुख्य अभियंता निर्माण विभाग