नया नूरगंज कालोनी में ब्लड कैंसर पीड़ित दो मासूम बच्चों की मदद के लिए हाथ बढ़ने लगे हैं। अमर उजाला में बृहस्पतिवार को खबर प्रकाशित होने के बाद मजदूर संघ के अध्यक्ष निजाम चौधरी समेत कई लोगों ने पीड़ित परिवार को 92 हजार रुपये की आर्थिक मदद की।
इतना ही नहीं दिल्ली की एक एनजीओ ने भी पीड़ित परिवार की मदद के लिए संपर्क किया है। उधर, स्थानीय प्रशासन भी मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित मां की मदद कराने के लिए रिपोर्ट भेज रहा है।
नया नूरगंज कालोनी निवासी आसमां के बेटे कैस (5), कैफ (2) ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं जबकि इलाज के अभाव में मंगलवार को इनके छोटे भाई जैद (1) ने दम तोड़ दिया। जैद भी ब्लड कैंसर से पीड़ित था।
पीड़ित मां आसमां मजदूरी कर जैसे तैसे कैंसर पीड़ित अपने तीनों बच्चों का इलाज करा रही थी लेकिन वह अपने छोटे बच्चे को नहीं बचा सकी। अब उसने अपने अन्य दो बच्चों को बचाने की गुहार लगाई है।
अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद बृहस्पतिवार को कई सामाजिक कार्यकर्ता कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद के लिए आगे आए। मुरादनगर मजदूर संघ के अध्यक्ष निजाम चौधरी ने कैस और कैफ के इलाज के लिए आसमां को 50 हजार रुपये देकर मदद की।
उन्होंने कहा कि कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज में मदद करने के लिए लोगों को पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिये। उन्होंने गरीब महिला की मदद के लिए लोगों से अपील की है। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष नूरहसन मलिक ने 22 हजार और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक गर्ग ने 20 हजार रुपये की मदद की।
इसके अलावा विधान परिषद सदस्य आशु मलिक ने पीड़ित परिवार की मुख्यमंत्री राहत कोष और अपनी निधि से भी मदद करने की बात कहीं है। पीड़ित मां आसमां का कहना है कि लोगों की मदद से वह अपने दोनों बेटे का इलाज करा सकती है।
वहीं, दिल्ली की एनजीओ कैन किड्स के मैनेजर सुमित मल्होत्रा ने पीड़ित परिवार से संपर्क कर दोनों बच्चों का निशुल्क इलाज कराने का भरोसा दिलाया है। यह संस्था कैंसर पीड़ित बच्चों का उपचार कराती है।
उधर, एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। शीघ्र शासन-प्रशासन स्तर पर पीड़ित मदद की आर्थिक मदद कराई जाएगी।