गढ़मुक्तेश्वर। तहसील परिसर में स्थित उप निबंधक कार्यालय में बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की टीम पहुंची। बिना पूर्व सूचना दिए आई टीम को देखकर कर्मचारियों और अधिवक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच के चलते कुछ समय के लिए रजिस्ट्री से जुड़ा कामकाज रोक दिया गया।
आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त विजय सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सबसे पहले रजिस्ट्री कार्यालय के ऑनलाइन सिस्टम की गहनता से जांच की। कंप्यूटरों में दर्ज डाटा, ऑनलाइन एंट्री और सॉफ्टवेयर के माध्यम से किए गए पंजीकरण को खंगाला। इसके बाद टीम ने हाल के दिनों में हुए कई बैनामों की फाइलें मंगवाकर उनका मिलान किया। बैनामों में दर्शाई गई रकम, स्टांप ड्यूटी, खरीदार-विक्रेता की जानकारी और भुगतान के तरीके पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान टीम ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी देखे और कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी हासिल की। विभागीय टीम ने पिछले पांच सालों में कराए गए बैनामों के दस्तावेज को देखा।। करीब एक घंटे तक चली जांच के कारण पंजीकरण कार्य प्रभावित रहा। टीम के जाने के बाद कार्यालय का कामकाज दोबारा सुचारू रूप से शुरू कराया गया।
हालांकि विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह जांच आय से अधिक निवेश, संपत्ति लेन-देन और दस्तावेजों की पारदर्शिता को लेकर की गई। सब-रजिस्ट्रार राहुल शर्मा ने बताया कि इनकम टैक्स विभाग की टीम द्वारा सर्वे किया गया है। इससे पूर्व भी विभाग के विभिन्न कार्यालयों में इस तरह का सर्वे हो चुका है।