नगर निगम में अब ठेकेदार सरकारी फाइलें लेकर घूमते मिले तो उन पर कार्रवाई होगी। यही नहीं उनसे संबंधित अवर अभियंताओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है। जीएम जलकल ने बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी कर ठेकेदारों पर शिकंजा कस दिया है।
उधर, महापौर ने सभी विभागों में ऐसे आदेश लागू कराने को कहा है और सरकारी फाइलें लेकर घूमने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जीएम जलकल मंजू गुप्ता ने अपने आदेश में कहा है कि सभी जोन में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं कि
अवर अभियंताओं ने कार्य की पत्रावली तैयार कर ठेकेदारों को दे हैं। इसके बाद ठेकेदार जल्द से जल्द फाइलें स्वीकृत कराने के लिए दबाव बनाते हैं। ऐसे में कोई भी अवर अभियंता फाइल ठेकेदारों को नहीं देगा और खुद जीएम कार्यालय में आकर स्वीकृति लेंगे।
आपातकालीन कार्यों के लिए अधिकतम तील दिन में फाइल तैयार कराकर स्वीकृति ली जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ठेकेदार फाइल लेकर आए तो उन पर स्वीकृति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आदेश तत्काल लागू किए जाएं और फाइलें ठेकेदारों पर मिलीं तो इसके लिए सभी जेई उत्तरदायी होंगे।
फाइलें लिए मिले ठेकेदार तो कराएंगे एफआईआर : मेयर
महापौर अशु वर्मा का कहना है कि जलकल ही नहीं निर्माण, उद्यान और नजारत विभाग में भी ठेकेदार खुद ही सरकारी फाइलों को लेकर घूमते रहते हैं। यह चिंताजनक स्थिति है। ठेकेदार फाइलें लेकर घूमते मिले तो उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, साथ ही जेई और संबंधित लिपिक की भी जवाबदेही तय की जाएगी।