जिला अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों का हाल बेहाल है। हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को मरीजों को खाना तक नहीं मिला। दूसरे दिन की हड़ताल में किचन के कर्मचारी भी शामिल रहे।
वहीं कर्मचारियों और अस्पताल प्रबंधन के बीच वार्ता भी विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार को भी अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी। कर्मचारियों का कहना है कि सोमवार को डेली वेजेज कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे।
हड़ताल के दूसरे दिन भी एमएमजी और महिला अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध जताया। दोपहर एक बजे तक धरने के बाद सीएमओ जिला अस्पताल पहुंचे और सीएमओ, सीएमएस सहित अन्य चिकित्सकों की मौजूदगी में एक घंटे तक वार्ता हुई लेकिन नतीजा शून्य रहा।
कर्मचारियों का कहना था कि सीएमएस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, वहीं सीएमएस का कहना है कि उनकी कोई ऐसी मांग नहीं, जिस पर हम खरे नहीं उतर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि महिला वार्ड में वार्ड ब्वॉय की ड्यूटी के बजाए महिला आया की ड्यूटी लगाई जाए।
इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए 6 बेड का वार्ड आवंटित किया जाए, जैसा पूर्व में था। इस मामले में सीएमएस का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है। ऐसे में अलग से वार्ड कैसे शुरू किया जा सकता है।
उधर कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मरीजों को खाना नहीं बंटा। वार्ड में सात से आठ लावारिस मरीज हैं जो भूखे ही रहे। इसके अलावा वार्ड में भी अटेंडेंट की कमी रही।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजपाल त्यागी ने कहा कि सीएमओ की मौजूदगी में सीएमएस से वार्ता हुई, जिसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
सीएमएस किसी भी मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते और वह सिर्फ चिकित्सकों और अन्य स्टाफ का पक्ष ले रहे हैं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं इसलिए सोमवार को भी हड़ताल जारी रहेगा और उस दिन डेली वेजेज वाले कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे।
इस मौके पर ओमकार सिंह, अशोक कुमार श्रीवास्तव, राकेश पचौरी, संजय, सहदेव शर्मा, मोहन, अनिल शर्मा, नेत्रपाल सिंह व अशोक चांदीवाल आदि मौजूद रहे। हड़ताल में मलेरिया कर्मचारी भी अपना समर्थन दे रहे हैं।