जीडीए वीसी यूरोप के बार्सिलोना से विकास के कई टिप्स लेकर लौटे हैं। अब वे भविष्य में इन टिप्स का सदुपयोग गाजियाबाद की सरजमीं पर करेंगे। बार्सिलोना में 15 से 18 नवंबर तक ‘स्मार्ट सिटी कांग्रेस’ विषय पर चार दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ था, जिसमें 150 देशाें के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
इस सेमिनार में प्रदेश सरकार की ओर से वीसी विजय कुमार यादव भेजे गए थे। शुक्रवार को वीसी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि उन्हें सेमिनार ने विकास को लेकर नया विजन दिया।
सेमिनार में बार्सिलोना का पूरा इतिहास दिखाया गया। करीब सौ-डेढ़ सौ साल पहले बार्सिलोना में भी समस्याओं का अंबार था। उन्होंने सुनियोजित तरीके से शहर की समस्याएं सुलझाईं।
जिन चीजों की जरूरत शहर में नहीं थी, उन्हें शहर से बाहर कर दिया, मसलन तमाम उद्योगों को नगर से बाहर बसा दिया गया। जहां डेयरी, खेती को शहर से किनारे कर दिया वहीं रेल रूट को अंडरग्राउंड कर दिया ताकि शहर को खुली आबोहवा मिल सके। जमीन इतनी पर्याप्त हो कि भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को सघनता न झेलनी पडे़।
वीसी ने कहा कि यहां भी अगर पचास-सौ साल आगे के भविष्य को देखकर सड़क-सीवर, यातायात, कॉलोनियों आदि की प्लानिंग की जाए तो उस समय का वर्तमान सुखद हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों गाजियाबाद में यातायात मामले में हुए विकास में भविष्य का अपेक्षित ख्याल रखने में कुछ कमियां रह गईं। अब शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जो भी प्लानिंग की जाएगी, उसमें बढ़ती आबादी का विशेष ख्याल सुनियोजित तरीके से रखा जाएगा।
वीसी ने कहा कि इस सेमिनार में इंटीग्रेटेड टाउनशिप बसाने के कई टिप्स उन्हें मिले, कई नई चीजें देखी और समझी, इसका उपयोग वे गाजियाबाद के विकास में करेंगे। नए बसाए जाने वाले आवासीय या व्यावसायिक इलाकों में चीजें सिस्टेमेटिक होंगी।
उन्होंने कहा कि जनता को भी व्यवस्थित ढंग से रहने के सलीकों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। बार्सिलोना में पैदल या साइकिल पर चलने वाले लोगों को चार पहिये पर चलने वालों से ज्यादा सम्मान मिलता है, यह संस्कृति यहां भी लाने की जरूरत है। जनता और निर्माणकर्ता मिलकर शहर को प्रदूषण से बचा सकते हैं।