गाजियाबाद। 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज बढ़ने के बाद जिले के बिजली उपभोक्ताओं को जून के बिल में 45 करोड़ की धनराशि अतिरिक्त चुकानी होगी। यानी जो 11 लाख उपभोक्ता पहले हर महीने 450 करोड़ रुपये चुका रहे थे, उनको अब 495 करोड़ चुकाने होंगे।
ऊर्जा निगम के तीनों जोन में घरेलू, व्यावसायिक, उद्योगों के 11 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। हाल ही में पाॅवर कॉरपोरेशन ने मार्च के ईंधन अधिभार के नाम पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यानी जून के बिल में उपभोक्ताओं को 10 फीसदी का अतिरिक्त बोझ झेलने के लिए तैयार रहना होगा। इस बारे में जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि ईंधन अधिभार कम ज्यादा होता रहता है। यह स्थाई नहीं है। मुख्यालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
-ऐसे समझें गणित :
जिस उपभोक्ता का पहले एक हजार रुपये बिल आता था, उस उपभोक्ता को जून के बिल में 1100 रुपये चुकाने होंगे। उपभोक्ता महावीर चौधरी ने बताया कि पेट्रोल, डीजल से लेकर अन्य चीजों पर महंगाई की मार पहले ही पड़ रही है। अब बिजली बिल पर भी 10 फीसदी बढ़ोतरी करके सरकार सताने का काम कर रही है।
-नंबर अपडेट नहीं तो बिल मिलने में परेशानी : स्मार्ट मीटर के जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अभी तक अपडेट नहीं हैं, वह अपना नंबर तत्काल अपडेट करा लें। अन्यथा उनको मई महीने का बिल मिलने में परेशानी होगी। यह कहना है ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता महेश उपाध्याय का। उन्होेंने बताया कि मई का बिल तीन जून तक उपभोक्ताओं के पास मैसेज के जरिये पहुंच जाएंगे। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल कंप्यूटरीकृत व्यवस्था के तहत जारी होंगे। इनके यहां कोई मीटर रीडर नहीं जाएगा। ऐसे में लोगों से अपील है कि लोग अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि उनको किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। विदित हो कि प्रीपेड व्यवस्था खत्म होने के बाद पहली बार स्मार्ट मीटरों के बीच जारी होंगे। इसलिए शिकायत और समस्याएं भी बढ़ने की उम्मीद है।
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