जीडीए के चीफ इंजीनियर ने सोमवार को कहा कि राजनगर एक्सटेंशन चौराहा और वसुंधरा कट पर छह लेन फ्लाईओवरों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने इस चर्चा पर विराम लगा दिया कि हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट और धन के अभाव के चलते जीडीए ने उक्त दोनों फ्लाईओवरों को बनाने का इरादा टाल दिया है।
चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी ने बताया कि शहर के ट्रैफिक को देखते हुए दोनों फ्लाईओवरों का बनना जरूरी है। जीडीए इनके निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों फ्लाईओवरों को सेतु निगम बनाएगा और निगम को डीपीआर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा दिल्ली टू मेरठ हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट के चलते फ्लाईओवरों के निर्माण में अड़ंगा लगाने की बात है तो बोर्ड ने मौखिक रूप से इनके निर्माण पर आपत्ति जताई थी। लिखित में बोर्ड का कोई पत्र जीडीए को नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि प्लानिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट की डीपीआर पांच साल पुरानी है और उन्हें यह सुझाव दिया गया है कि वह नए सिरे से डीपीआर बनाएं। बता दें कि तीन दिन पहले मेयर अशु वर्मा ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वह दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण में अड़ंगा न लगाएं।
सेतु निगम को दे चुका है एडवांस: जीडीए सूत्रों ने बताया कि 50-50 करोड रुपए की लागत से दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण होंगे। इनके निर्माण के लिए जीडीए ने अग्रिम राशि के रूप में 50-50 लाख रुपए सेतु निगम को दिया है।