ट्रेनों में रिजर्वेशन करा चुके लोगों को अब रिफंड पाने में पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। 500 रुपये से ज्यादा रकम के टिकट रिफंड कराने वाले लोगों को अब कैश नहीं मिलेगा, पैसा उनके खातों में पहुंचेगा। इसके लिए रेलवे आरक्षण केंद्रों पर रिफंड लेने वाले लोगों से रेलवे कर्मचारी एप्लीकेशन के साथ-साथ उनके बैंक अकाउंट नंबर की डिटेल भी ले रहे हैं।
गाजियाबाद में अब तक 400 से ज्यादा यात्री रिफंड के लिए एप्लीकेशन दे चुके हैं।यह कवायद न सिर्फ कैश की किल्लत से निपटने के लिए है, बल्कि ब्लैक मनी से ट्रेनों के टिकट खरीदकर उसे नई करेंसी में बदलवाने में दिमाग लगा रहे लोगों को पकड़ने की भी है। 1000-500 के नोट बंदी के बाद लोगों ने उन्हें खपाने के लिए लंबी दूरी के ट्रेन टिकट भी खरीदे हैं।
एसी टिकट खरीदकर पुरानी करेंसी जमा कर दी और अब टिकट कैंसल कराकर नई करेंसी में रिफंड लेने की फिराक में हैं। इस पर रेलवे ने रिफंड में कैश देने पर रोक लगा दी है। स्थानीय रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 9 नवंबर के बाद अब तक उनके पास करीब 400 टिकट कैंसल होने के लिए आवेदन आ चुके हैं।
अब सिर्फ उन लोगों को रिफंड कैश में दिया जा रहा है, जिनकी रकम 500 रुपये से कम है। इससे ज्यादा रिफंड वाले यात्रियों से आवेदन पत्र के अलावा पता, मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर भी लिया जा रहा है। उनका रिफंड सीधा खातों में भेजा जाएगा। जो लोग पहले बिना बैंक खाते की जानकारी दिए एप्लीकेशन दे चुके हैं, उन्हें चेक से भुगतान किया जाएगा।