इंटरलाकिंग टाइल्स की गुणवक्ता की जांच करते मेयर अशु वर्मा
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बीते वर्ष इंटरलॉकिंग टाइल्स की जांच शुरू हुई तो गुणवत्ता में भी सुधार आने लगा है। महापौर ने सोमवार को औचक निरीक्षण कर पंचवटी कालोनी की तीन गलियों से इंटरलॉकिंग टाइल्स के सैंपल लेकर लैब में इनकी जांच कराई। गुणवत्ता की जांच में तीनों टाइल्स पास मिलीं। अब डेंस की सड़कों को भी जांचा जाएगा।
नगर निगम ने दिसंबर में ही पंचवटी कालोनी के ए,बी व सी ब्लॉक में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का काम शुरू किया था। ए-ब्लॉक में 8.70 लाख, बी-ब्लॉक में 14.39 लाख और सी-ब्लॉक में 13.03 लाख की लागत से यह टाइल्स मेसर्स राजेश कंस्ट्रक्शंस ने बिछाई थी।
महापौर अशु वर्मा निगम इंजीनियरों को लेकर सोमवार को पंचवटी कालोनी में पहुंच गए। तीनों ब्लॉक से उन्होंने सैंपल लेकर नगर निगम की लैब में जांच कराई। मानकों के मुताबिक इंटरलॉकिंग टाइल्स 700 किलो न्यूटन का दबाव झेलती हैं लेकिन तीनों टाइल्स 750 से 950 किलो न्यूटन का दबाव झेल गईं।
बीते साल भी महापौर ने औचक निरीक्षण कर कई स्थानों से टाइल्स के सैंपल लेकर जांच कराई थी। इनमें अधिकांश टाइल्स गुणवत्ता में फेल पाई गईं थीं। निगम ने ठेकेदारों पर पेनल्टी के साथ-साथ दोबारा टाइल्स लगवाई। ऐसे में अब इंटरलाकिंग टाइल्स की गुणवत्ता में सुधार आने लगा है।
डेंस की सड़कों की जांच बिना नहीं होगा भुगतान
महापौर अशु वर्मा का कहना है कि टाइल्स के बाद अब डेंस की सड़कों की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने सोमवार को निर्माण विभाग के सभी इंजीनियरों को निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच किसी भी डेंस की सड़क के सापेक्ष ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जाएगा।