जिला महिला अस्पताल की नर्सरी फिर से बंद होने के कगार पर है। एक साल में यह नर्सरी सिर्फ दस दिन ही ठीक ढंग से चल पाई है और नवजात शिशुओं का इलाज हो पाया है। अब फिर चिकित्सकों की कमी के कारण नर्सरी बंद होने की स्थिति में है।
फरवरी में उस नर्सरी का उद्घाटन होने के बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने कारण इसे पूरी तरह शुरू नहीं किया जा सका था। इसके बाद मई में तीन बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति किया जाना था, मगर सिर्फ एक चिकित्सक डॉ. डीके जैन ही तैनात हो पाए। अब डॉ. डीके जैन का भी एक महीने के अंदर रिटायर होने वाले हैं।
उनके रिटायरमेंट से पहले अगर किसी बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई तो फिर से नर्सरी में बच्चों को भर्ती नहीं किया जा सकेगा। महिला अस्पताल में इस नर्सरी के लिए भवन का निर्माण लगभग छह साल पहले हो चुका था लेकिन उपकरण और स्टाफ की कमी के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सकता था।
बता दें कि पिछले साल नर्सरी के उपकरण आदि के लिए शासन ने बजट भेजा था। इसे जनवरी 2016 में शुरू किया जाना था, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद इसके लिए संविदा के लिए बाल रोग विशेषज्ञ के चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ के लिए सिर्फ एक आवेदन आया था।
उस एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ ने भी ज्वाइन नहीं किया। अंत में डॉ. डीके जैन और डा. विकासेंदू अग्रवाल की तैनाती हुई थी। इनमें से विकासेंदू अग्रवाल का ट्रांसफर हो गया है और डा. डीके जैन रिटायर होने वाले हैं।