साहिबाबाद। गुलमोहर ग्रीन सोसायटी में 7वीं की छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने छात्रा की निजी डायरी में आत्महत्या से पहले गणित की शिक्षिका को अंग्रेजी में हेट हर लिखा था। छात्रा के शब्दों के अनुसार वह शिक्षिका से इतना परेशान थीं कि डायरी में मैम न लिखकर उसका नाम लिखकर संबोधित करती थी। उधर, परिजन ने तीसरे स्कूल या शिक्षिका पर तीसरे दिन भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। परिजन का कहना है कि उन्हें बेटी के लिए पूर्ण न्याय चाहिए। कानूनविद से राय ले रहे हैं और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे।
मूलरूप से गोरखपुर के एयरफोर्स कॉलोनी निवासी अमर मौर्य ने बताया कि वह परिवार के साथ सोसायटी की 10वीं मंजिल पर रहते हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी रितिसा की 50 पेज की निजी डायरी मिली है। इनमें से 12-13 पेज पर उनकी बेटी ने कुछ बातें लिखी हैं, जबकि तीन पेजों पर उसने अपनी गणित की शिक्षिका के बारे में लिखा है। उसमें बेटी ने आई हेट हर लिखा है। डियर डायरी करके वह सारी बातें डायरी में लिखती थीं। उन्होंने बताया कि वह अधिकतर गणित की शिक्षिका के बारे में लिखती थी। एक दिन उसने लिखा कि कि वो घूरती है तो ऐसा लगता है जैसे वह मेरा मर्डर कर देगी। टॉपिक गलत होने पर वो मुझ पर ही गुस्सा निकालेगी। उसकी वजह से ही मैंने अगले दिन छुट्टी की है। उधर, निजी स्कूल ने बच्ची को प्रताड़ित करने के आरोप के बाद शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया है। परिवार का कहना है कि अधिवक्ता की सलाह पर एक-दो दिन में कानूनी कार्रवाई कराएंगे। वहीं, सोमवार को पिता समेत अन्य परिजन हिंडन नदी से बच्ची की अस्थियां को लेकर हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट पर विजर्सन कर घर लौट आए।
व्हाट्सएप चैट सहेली ने लिखा...तू मर तो नहीं गई
रितिसा के पिता ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें शक हुआ कि उनकी बच्ची फिसलकर तो नहीं गिर सकती। इसके बाद उन्होंने छोटी बेटी के टैब को ओपन कर व्हाट्सएप चेक किया। उसमें बेटी की बात उसकी बेस्ट फ्रेंड से चैट से चल रही थी। रात में 9:28 मिनट पर सहेली का मैसेज आया हुआ था कि तू रिप्लाई क्यों नहीं कर रही है। तू कहीं मर तो नहीं गई है। बाबू मैं तुझे मरने नहीं दूंगी। इसके बाद परिवार ने सहेली से फोन पर बात की तो पता चला कि बच्ची शिक्षिका से प्रताड़ित होने से परेशान थी। जो उसने अपनी सहेली को बताया था। बच्ची ने सहेली को बताया था कि एक दिन क्लास से बाहर ले जाकर भी शिक्षिका ने उसे परेशान किया था।
स्कूल प्रबंधन ने जताया दुख
स्कूल प्रबंधन ने घटना को पूरे स्कूल समुदाय के लिए अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा पूरा स्कूल समुदाय इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्कूल की नीति पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी छात्र के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या अनुचित व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक शिक्षिका को निलंबित कर दिया है और प्रबंधन भी आंतरिक जांच कर रहा है।
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शिक्षिका का व्यवहार ही खराब, परिजनों ने लगाया आरोप
पिता ने बताया कि उनकी बेटी की मौत की खबर सुनकर दो अन्य अभिभावक भी पीड़ित के घर पर पहुंचे। उन्होंने सामने आकर शिक्षिका से जुड़ी अपनी आपबीती बताई। अभिभावकों कहना है कि उनके बच्चों को भी इसी शिक्षिका ने बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया था। वह उनके मामले में गवाह बनने को तैयार हैं। साथ ही लिखित शिकायत पर हस्ताक्षर करने की सहमति भी दी है।
-बच्ची की मौत के मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच अधिकारी ने सोसायटी में लगे कैमरे व निजी डायरी की जांच शुरू कर दी है। हालांकि परिजनों ने अभी डायरी नहीं दी है। डायरी मिलने पर फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। - ऋजुल, डीसीपी, ट्रांस हिंडन