गाजियाबाद। शहर के रजिस्टर्ड सीएनजी टेस्टिंग सेंटर से कराया गया हाइड्रो टेस्ट ही फिटनेस जांच में मान्य है। यदि आप यहां के आरटीओ में रजिस्टर्ड वाहन को दिल्ली ले जाकर हाइड्रो टेस्ट कराएंगे तो फिटनेस जांच में दिक्कत आएगी। शहर में तीन टेस्टिंग सेंटर और 19 सीएनजी किट फिटिंग सेंटर अधिकृत हैं।
सीएनजी वाहन की हर तीन वर्ष बाद हाइड्रो टेस्टिंग जरूरी होती है। इसके बिना वाहनों की फिटनेस जांच नहीं हो सकती। गाजियाबाद आरटीओ कार्यालय में हजारों की तादाद में सीएनजी वाहन रजिस्टर्ड हैं। इसमें कामर्शियल सीएनजी बसें व थ्री व्हीलर भी शामिल हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीएनजी वाहन जब फिटनेस जांच कराने के लिए कार्यालय आते हैं तो उनसे हाइड्रो टेस्टिंग का सर्टिफिकेट मांगा जाता है। चालक वाहनों को दिल्ली के सेंटर पर जाकर जांच करवा लेते हैं और वहां का सर्टिफिकेट लेकर विभाग में जमा कराते हैं जबकि नियम है कि गाजियाबाद आरटीओ कार्यालय में रजिस्टर्ड वाहन शहर के ही अधिकृत तीन टेस्टिंग सेंटर पर जांच कराएंगे। इसी सेंटर का सर्टिफिकेट मान्य होगा। कार्यालय में प्रतिदिन दर्जनों वाहन ऐसे आते हैं, जो दिल्ली के सेंटर से सर्टिफिकेट लेकर पहुंचते हैं।