फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: होटल-रेस्तरां बिना अधिकार ले रहे आईटीसी का लाभ, अब होगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। होटल और रेस्तरां संचालक बिना अधिकार आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ ले रहे हैं। अब इन रेस्तरां और होटलों पर राज्यकर विभाग की सख्ती शुरू हो गई है। गाजियाबाद में करीब 50 से ज्यादा होटल-रेस्तरां जांच के घेरे में आ गए हैं। राज्यकर विभाग की आयुक्त मिनिस्ती एस. की ओर से जोन के अपर आयुक्तों को पत्र भेजकर इन प्रतिष्ठानों की जांच कराने और बिना अधिकार आईटीसी लेने वालों से रिवर्सल के रूप में रकम जमा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन

नियमों के अनुसार 7500 रुपये दैनिक से कम रेट पर कमरे किराए पर देने वाले रेस्तरां और होटलों के लिए जीएसटी की दर महज 5 फीसदी तय की गई है। ऐसे प्रतिष्ठान आईटीसी क्लेम नहीं ले सकते हैं। मुख्यालय स्तर पर प्रदेश भर के ऐसे होटलों और रेस्तरां की जीएसटी रिटर्न के आंकड़ों का परीक्षण कराया गया तो अधिकांश प्रतिष्ठान पांच फीसदी जीएसटी की दर पर भी आईटीसी क्लेम कर रिफंड लेते हुए पाए गए। जबकि यह रकम प्रतिष्ठान संचालकों को नकद के रूप में राज्यकर विभाग में जमा करानी थी। जांच में पकड़े गए ऐसे मामलों से राज्यकर विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
ऐसे में अब यह मामले पकड़ में आने पर राज्यकर विभाग की आयुक्त मिनिस्ती एस ने सख्ती कर आईटीसी का लाभ ले चुके प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर आईटीसी रिवर्सल कर रकम विभाग के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। राज्यकर विभाग के जोन-1 के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) गोविंद सिंह बुधियाल ने बताया कि आईटीसी क्लेम ले चुके होटल व रेस्तरां की ओर से दाखिल की गई जीएसटी रिटर्न के डाटा का परीक्षण कराया जा रहा है। जिन्होंने बिना अधिकार इसका लाभ लिया है, उनसे रकम वापस ली जाएगी।
विज्ञापन


रेस्तरां में खाना खाया तो अधिकतम दर वाले उत्पाद के आधार पर देना होगा जीएसटी
रेस्तरां में खाना खाने वालों को अब थोड़ा ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। राज्यकर विभाग ने गाजियाबाद के सभी होटल और रेस्तरां संचालकों को निर्देश दिए हैं कि परोसे जाने वाले उत्पादों में जिस उत्पाद पर जीएसटी की दर अधिकतम होगी, उसी के आधार पर टैक्स लिया जाएगा। यानी खाने में अगर कोई उत्पाद पांच फीसदी, 12 फीसदी और 18 फीसदी की दर वाला होगा तो पूरे बिल पर 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। इसी तरह उपहार बेचने वाले दुकानदारों को भी अधिकतम दर पर जीएसटी की रकम चुकानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें