परिवहन निगम ने रोडवेज बसों को होली की भीड़ में सफलतापूर्वक चलाने की योजना तैयार की है। इसके लिए मंगलवार को बसों का काफिला फील्ड में उतार दिया गया। दिन-रात बसों का संचालन कराने के साथ ही रास्ते में ही उनकी मरम्मत की तैयारी की गई है। बस डिपो पर यात्रियों केसामान को चढ़ाने-उतारने के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
होली पर घर जाने वाले यात्रियों का दबाव रोडवेज बसों पर बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार शाम से यात्रियों की संख्या और ज्यादा हो जाएगी। मंगलवार को दफ्तरों की छुट्टियां होने और होली के बाद भी अवकाश होने से ज्यादातर लोग परिवार सहित अपने घरों को जा रहे हैं। ट्रेनों में सीट फुल हो जाने के कारण अब लोग बसों की ओर रुख कर रहे हैं।
बस संचालन प्रभारी और रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह ने बताया कि रोजाना एक बस को 300 किमी चलाना अनिवार्य कर दिया गया है। बसों के रास्ते में खराब होने की स्थिति में उनको ठीक करने के लिए मोबाइल कार्यशाला तैयार की गई हैं।
रोडवेज ने रिजर्व बसें और रिजर्व स्टाफ भी लगाया है, जिससे जरूरत के समय उनका प्रयोग किया जा सके। रोजाना तीन सौ किमी बस चलाने वालों को 55 पैसे किमी का प्रोत्साहन शुल्क भी दिया जाएगा। शहर के बाहर बनाए गए बस डिपो पर यात्रियों का सामान चढ़ाने और उतारने के लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
... होली पर यात्रियों की ज्यादा संख्या में बसों का सफलतम संचालन करना और समय पर यात्रियों को उनके घरों तक पहुंचाना चुनौती है। हम दिनरात मेहनत कर यात्रियों को जल्द से जल्द उनकेगंतव्यों तक पहुंचा रहे हैं। यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- अतुल श्रोत्रिय, एआरएम कार्मिक।