इस बार होलिका दहन रविवार 12 मार्च को है जबकि रंगों का त्योहार होली 13 मार्च को है, जिसे दुलहेंडी भी कहा जाता है। इस बार होलिका दहन पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि कई वर्षों बाद होलिका दहन पर यह योग बन रहा है। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:24 बजे के बाद से है।
होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 8:33 बजे के बाद से है। उन्होंने बताया कि इस बार शाम 4:30 से 6:00 बजे तक राहु काल है। राहु काल को छोड़कर पूजन और होलिका दहन के लिए पूरा समय शुभ है। उन्होंने बताया कि सर्वार्थसिद्धि योग में होलिका दहन और होलिका पूजन करने पर धन धान्य की वृद्धि होगी और घर में सुख-शांति आएगी।
बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ी
होली की खरीददारी करने के लिए बाजारों में भी काफी भीड़ जुटने लगी है। रंग, गुलाल और पिचकारी खरीदने के लिए सोमवार को काफी भीड़ देखने को मिली। रंगों और पिचकारी के अलावा पापड़-चिप्स और नमकीन भी खरीदे जा रहे हैं। दुकानदारों ने पापड़-चिप्स आदि का अतिरिक्त स्टॉक मंगा लिया है।
आलू का पापड़, मूंग, साबूदाने का पापड़, फलहारी सेंधा नमक लगा हुआ पापड़, साबूदाने की जलेबी आदि मार्केट में आ चुके हैं।
घरों में शुरू हो गई होली की तैयारियां
होलिका दहन और होली का रंग हर तरफ चढ़ने लगा है। घरों में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। पापड़ चिप्स बनाने से लेकर गोबर की गुलड़ियां बनाने तक का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा घर में गुझिया बनाने की तैयारी होने लगी है।
बेला मलिक ने बताया कि गुझिया के लिए घर पर ही मावा बना रही हैं। मिलावटी मावा और सामग्रियों के कारण अब घर पर ही मावा बनाने लगी हैं।