मोहन नगर जोन की कालोनियों का सीवरेज अब बिना ट्रीटमेंट किए हिंडन नदी में नहीं डाला जाएगा। नगर निगम और जल निगम मिलकर इसके लिए एसटीपी बनाएंगे। ‘अमृत’ (अटल मिशन फॉर रेज्यूवीनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉरमेशन) योजना में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से फंड मिलेगा और जमीन नगर निगम उपलब्ध कराएगा। जल निगम ने इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
दरअसल, मोहन नगर जोन की अधिकांश कालोनियों का पानी अभी नाले के जरिए इंदिरापुरम पहुंच रहा है, जबकि सीवरेज बिना ट्रीटमेंट किए हिंडन नदी में डाला जा रहा है। इंदिरापुरम, डूंडाहेड़ा में पहले से एसटीपी बने हुए हैं। शहर का सिर्फ मोहन नगर क्षेत्र इससे बचा हुआ था। अब महापौर अशु वर्मा के प्रपोजल पर नगर निगम और जल निगम मिलकर इस प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।
एसटीपी की डीपीआर बनाने से पहले जमीन चिह्नित कर जल निगम को नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। जल निगम को एसटीपी के लिए करीब 10 से 12 एकड़ जमीन की जरूरत है। निगम के संपत्ति विभाग ने कान्हा उपवन के करहेड़ा में जमीन तलाशनी शुरू कर दी है।
जमीन उपलब्ध कराने के लिए संपत्ति विभाग को कहा गया है। जल्द ही जमीन चिह्नित कर एसटीपी के लिए डीपीआर बनाने का काम जल निगम से कराया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर
जमीन चिह्नित हो जाने के बाद अमृत योजना में एसटीपी का प्रपोजल तैयार किया जाएगा। फंड मिलने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा। प्लानिंग शुरू कर दी गई है। - वाईके जैन, चीफ इंजीनियर, जल निगम