आकाशनगर की कृष्णा स्वीट्स के सामने वाली गली जो मुख्यतः कई रास्तों को एकसाथ जोड़ती है उसके शुरुआत में ही भारी जलभराव हमेशा बना रहता है। स्थानीय ग्राम प्रधान डासना देहात को मामले से कई बार अवगत कराया गया है, पर इस गली को बहुत लंबे वक्त से बनवाया नहीं गया है।
मसूरी क्षेत्र के आकाशनगर की तंग और जर्जर गलियों में बारिश का पानी घरों में घुस रहा है। लगभग 10 वर्ष पुराने रास्ते टूट चुके हैं। जर्जर और टूटे हुए रास्तों के कारण लोग जलभराव की समस्या से त्रस्त हैं। छोटी नालियां एक तो पहले ही कूड़ा करकट और गंदगी से अटी पड़ी हैं ऊपर से उनमें साफ सफाई नियमित अंतराल पर न होने के कारण जलभराव विकट समस्या बनी है।
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मुख्य रूप से आकाशनगर की कृष्णा स्वीट्स के सामने वाली गली जो मुख्यतः कई रास्तों को एकसाथ जोड़ती है उसके शुरुआत में ही भारी जलभराव हमेशा बना रहता है। स्थानीय ग्राम प्रधान डासना देहात को मामले से कई बार अवगत कराया गया है, पर इस गली को बहुत लंबे वक्त से बनवाया नहीं गया है। रास्ते की समस्या मानसून में बेहद परेशानी पैदा कर रही है, इधर-उधर से वर्षा का पानी बहकर आ रहा है, गलियों में नाले की तरह पानी बह रहा है, जो घरों में भी घुस रहा है। आने-जाने वालों के लिए ये रास्ता मुसीबत की तरह है। कई बार यहां कई लोग चोटिल हो चुके हैं।
स्थानीय निवासी कपिल ने बताया कि आकाशनगर में कई रास्तों का निर्माण दो-दो बार कराया जा चुका है। परन्तु कृष्णा स्वीट्स के सामने वाली गली की अभी तक भी मरम्मत नहीं हुई है। ग्राम प्रधान बजट न होने का हवाला देकर मामले को बार-बार टरका देते हैं। सुबह-सुबह स्कूल की वेशभूषा में बच्चे गन्दगी से होकर गुजरते हैं, पर समाधान के नाम पर कोई खैर खबर नहीं। बच्चे और बुजुर्गों का रास्ते से निकलना दुश्वार हो रहा है। आकाशनगर की तमाम गलियों का पानी नजदीक के ही तालाब में जाता है, परन्तु ये रास्ता बेहद नीचा हो जाने के कारण पानी मुख्य नाले की धारा तक पहुंचता ही नहीं है बल्कि विपरीत दिशा में बहकर गलियों में ही इकट्ठा हो जाता है। यहां समस्या अब विकराल रूप ले रही है।
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चूंकि अब मानसून के चलते अत्यधिक जलभराव होने पर मच्छरों से मलेरिया और अन्य बीमारियों के पनपने का खतरा बढ़ गया है जो एक और मुसीबत खड़ी कर रहा है। कुल मिलाकर आकाशनगर के लोग नीचे रास्तों पर हुए जलभराव के कारण मुसीबत झेल रहे हैं। उधर, गांव मसूरी में पानी की निकासी न होने से जगह जगह जलभराव होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पडी।