गाजियाबाद। बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में ऋण सीमा बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत के समक्ष सहारनपुर के चकराता निवासी इंडियन ओवरसीज बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी जोगिंद्र पाल ने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। उनकी गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की है।
मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकारपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंकित मलिक आरोपी हैं। सीबीआई के अनुसार, उन पर 80 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शिकायतकर्ता जावेद ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी समरीन ने महिला स्वावलंबन योजना के तहत 80 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन शिकारपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में जमा किया गया था। आरोप है कि ऋण स्वीकृत करने के लिए तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की थी।