गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा का प्रभाव आरोग्य मेले पर भी पड़ा है। नगरीय क्षेत्र के 12 केंद्रों के डॉक्टरों की ड्यूटी कांवड़ मेले में लगाए जाने से पैरामेडिकल स्टाफ व आयुष चिकित्सकों के भरोसे आरोग्य मेला संचालित हुआ। वहीं जगह-जगह बैरीकेडिंग होने से मरीजों की संख्या भी कम रही। जिले में सिर्फ 3143 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जबकि विगत रविवार को आयोजित मेले में यह संख्या 3892 के पार थी।
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि जिन केंद्रों के प्रभारी की ड्यूटी कांवड़ मेले में लगाई गई है, उन केंद्रों पर मरीजों की संख्या बहुत कम रहती है। वहां पर सामान्य मरीजों का इलाज पैरामेडिकल स्टाफ ने किया। जांच कराने और आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल पर जाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि 765 मरीजों को खून और अन्य जांच के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि मेले में 456 लोगों के आभा आईडी कार्ड बनाए गए, जबकि 652 बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण किया गया। इन केंद्रों पर डॉक्टरों की लगी कांवड़ ड्यूटी
दीनदयाल पुरी, कड़कड मॉडल, न्यू डिफेंस कॉलोनी, सादुल्लाबाद, शहीद नगर 2, हिंडन विहार, अर्थला मोहननगर, पंचशील कॉलोनी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, शिप्रा सनसिटी, आदर्श नगर खोड़ा व लोनी के चिकित्सकों की ड्यूटी कांवड़ शिविर में लगी है। इसके अलावा कई केंद्रों के पैरामेडिकल स्टाफ की भी ड्यूटी शिविर में लगी है।