माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। एमएमजी, जिला संयुक्त और महिला अस्पताल सहित सात अस्पतालों में लगाए गए हेल्थ एटीएम से जांच नहीं हो पा रही है। जांच नहीं होने से ये एटीएम दिखावा बनकर रह गए हैं। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि मशीन तो कंपनियों ने लगवा दी, लेकिन जांच करने के लिए प्रयोग होने वाले संसाधन उपलब्ध कराने वाले मद की व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण से सभी मशीनें बेकार पड़ी हैं।
हेल्थ एटीएम में खून की लगभग 48 जांच की जा सकती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी 20 से ज्यादा जांच हो सकती हैं। खून की जांच के लिए हेल्थ एटीएम में स्ट्रिप और कुछ अन्य उपकरण प्रयोग होते हैं, जो अस्पताल को केवल एक ही बार मिले थे। उनके लिए शासन को कई बार मांग भी भेजी जा चुकी है लेकिन, शासन से आपूर्ति नहीं मिल रही। इसके अलावा हेल्थ एटीएम को चलाने के लिए इंटरनेट की जरूरत है। अस्पतालों में इंटरनेट कनेक्शन तो ले लिया गया है लेकिन, हेल्थ एटीएम को जोड़ा नहीं गया है। हेल्थ एटीएम तभी चालू किए जाते हैं, जब सूबे के स्वास्थ्य मंत्री या किसी प्रशासनिक अधिकारी का अस्पताल में कोई कार्यक्रम होता है लेकिन, उपकरण और इंटरनेट के अभाव में उनसे किसी मरीज की जांच नहीं की जाती है।
नोडल अधिकारी डॉ.राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि हेल्थ एटीएम से जांच करने के लिए सभी अस्पताल के अधीक्षकों को सीएमओ की तरफ से निर्देश जारी किया गया है। अगर एटीएम से जांच नहीं की जा रही है तो सभी से इसकी जानकारी लेकर समस्या दूर कराई जाएगी।
समय लगने से जांच करने से बचता है स्टाफ
हेल्थ एटीएम में खून की प्रत्येक जांच अलग होती है। जांच में ज्यादा समय लगने के कारण ही हेल्थ एटीएम को संचालित करने में किसी की कोई रुचि नहीं है। अस्पतालों में दोपहर बाद पैथोलॉजी लैब बंद हो जाती है। ऐसे में मरीजों के जरूरी ब्लड टेस्ट भी अगले दिन लैब खुलने तक नहीं हो पाते हैं। अगर इमरजेंसी में हेल्थ एटीएम लगा दिए जाएं तो वहां पहुंचने वाले मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
सीएसआर फंड से लगाई गई थीं मशीनें
निजी कंपनियों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से अक्तूबर 2022 में जिले के एमएमजी और संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल समेत सात अस्पतालों में हेल्थ एटीएम लगाए गए थे लेकिन, ये हेल्थ एटीएम केवल दो सप्ताह ही संचालित हुए थे। उसके बाद से सभी महज डमी बनकर अस्पतालों में रखे हैं। उनकी रोजाना साफ सफाई तो होती है लेकिन, उन्हें संचालित नहीं किया जाता। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हेल्थ एटीएम में प्रयोग होने वाले जरूरी उपकरण शासन की ओर से ही नहीं भेजे जा रहे हैं। उपकरण मिलने पर हेल्थ एटीएम को संचालित किया जाएगा।
सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हेल्थ एटीएम को ब्लड बैंक में लगाया गया है। मशीन से जांच करने वाली महिला स्टाफ मातृत्व अवकाश पर हैं। जल्द ही दूसरे स्टाफ को प्रशिक्षण देकर जांच शुरू कराई जाएगी।